उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को गाजियाबाद में 8,074 विद्यार्थियों को लैपटॉप बांटे। उन्होंने प्रदेश की लगभग 3750 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने वैशाली में इंडोर स्टेडियम के निर्माण, लोनी में 2 और खोड़ा में एक थाना खोले जाने की घोषणा भी की है। साथ ही सीमित आय वर्ग के लोगों के लिए पांच हजार भवनों की योजना का भी शुभारंभ किया।
उन्होंने लोनी को तहसील और खोड़ा को नगर पालिका बनाने की घोषणा की।
इससे पहले मुख्यमंत्री के दौरे के विरोध में भाजपा और कांग्रेस ने प्रदर्शन किया।
भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं काले गुब्बारे छोड़े हैं, जिसके बाद उन पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें हिरासत में ले लिया।
समय से पहले पहुंचे अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज निर्धारित समय से पहले ही गाजियाबाद पहुंच गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें कड़ी सुरक्षा में वसुंधरा के आवास-विकास गेस्ट हाउस में ठहराया।
समारोह स्थल पर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं और प्रशानिक अधिकारियों से शहर की स्थिति पर बातचीत की।
आजम ने लिया तैयारियों का जायजा
नगर विकास मंत्री आजम खां भी आज समारोह स्थल पर मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले पहुंचे। उन्होंने पार्टी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी हासिल की।
शहर की सड़कों पर सन्नाटा
मुख्यमंत्री के दौरे के चलते आज गाजियाबाद की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। अखिलेश दौरे को लेकर जहां पुलिस प्रशासन चौकन्ना रहा, वहीं शहरवासी भी सड़कों पर निकलने से बचते रहे।
हालांकि ट्रैफिक को सुचारु रखने और सीएम समारोह स्थल तक पहुंचाने के लिए शहर के प्रत्येक चौराहों पर भारी ट्रैफिक पुलिस मुलाजिम तैनात रहे।
कुछ नेताओं को किया नजरबंद
रविवार को देर रात सीएम का विरोध करने का दावा कर रहे विभिन्न दलों के कुछ नेताओं को नजरबंद कर दिया। विरोध के मद्देनजर सीएम की सुरक्षा भी तीन गुना तक बढ़ाई गई थी।
सीमए की सुरक्षा में 14- एएसपी, 30- सीओ, 40- एसओ, 300- एसआई, 3500- कांस्टेबल, 150- महिला कांस्टेबल, 4 कंपनी- पीएसी तैनात किए गए।
जबकि इससे पहले 10 जनवरी को जब सीएम मोदीनगर आए थे तो 1500 पुलिसवालों की ड्यूटी थी।