आय से अधिक संपत्ति के मामले में तीन पूर्व मंत्रियों नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबू सिंह कुशवाहा और रंगनाथ मिश्र के खिलाफ सरकार ने विजिलेंस को मुकदमा चलाने की हरी झंडी दे दी है।
विजिलेंस ने अप्रैल में पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी व बाबू सिंह कुशवाहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने की सरकार से इजाजत मांगी थी।
सिद्दीकी पर दर्ज हुआ था मुकदमा
सरकार ने विजिलेंस को पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 (1) ई व 13 (2) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने की अनुमति दी है।
सिद्दीकी के पास 27 मार्च 1997 से 21 मार्च 2012 के दौरान आय के मुकाबले साढ़े तेरह करोड़ से ज्यादा खर्च किया जाना पाए जाने पर विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने की अनुमति मांगी थी।
पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के खिलाफ भी लोकायुक्त द्वारा की गई जांच पर राज्य सरकार ने उनके खिलाफ खुली जांच के आदेश दिए थे। विजिलेंस ने अपनी यह जांच पूरी कर गत 18 अप्रैल को राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंप दी थी।
पूर्व माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र के खिलाफ भी आय के मुकाबले 6 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च पाया गया था। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने को लेकर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 (1) ई व 13 (2) के तहत मुकदमा चलाने की राज्य सरकार ने इजाजत दी है।
मेरठ जेल भेजे जा सकते हैं रंगनाथ
पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा की जेल बदलने पर जान का खतरा होने की आशंका जताई गई है। इस संबंध में रंगनाथ मिश्रा के भाई सोभनाथ मिश्रा ने मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव गृह के यहां गुहार लगाई है।
शासन ने इस प्रार्थनापत्र के इतर पूर्व मंत्री को दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की तैयारी कर ली है। उन्हें मेरठ जेल भेजा जा सकता है।
भदोही के औराई स्थित सहसेपुर निवासी सोभनाथ मिश्रा का कहना है कि उनके भाई पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा भ्रष्टाचार के आरोप में लखनऊ जिला जेल में बंद हैं। सोभनाथ का आरोप है कि जेल में उनके भाई की किसी तरह की शिकायत नहीं है।
'दबाव में किया जा रहा जेल स्थानांतरण'
इसके बावजूद सत्तारूढ़ दल के बाहुबली नेता विजय मिश्रा के दबाव के कारण उनके भाई को बनारस और उसके आसपास की जेल में स्थानांतरित किए जाने की तैयारी है।
सोभनाथ ने मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव गृह से गुहार लगाई है कि उनके भाई को लखनऊ जेल में ही रखा जाए, नहीं तो उनकी जान को खतरा है।