अयोध्या की 84 कोसी यात्रा को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) अब उत्तर प्रदेश सरकार के साथ टकराव की ओर बढ़ रही है। विहिप ने प्रदेश सरकार के फैसले को खारिज कर हर हालत में यात्रा निकालने का ऐलान कर दिया है।
विहिप के संरक्षक अशोक सिंहल ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने सख्ती से यात्रा रोकने की कोशिश की तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आगाह किया कि वे छात्रों को लैपटॉप देने जैसे लालच देकर साधु-संतों में फूट डालने का काम न करें। सिंहल ने कहा कि यह अच्छी बात है कि अखिलेश भागवत कथा करा रहे हैं, लेकिन वे साधु-संतों को दक्षिणा देने के नाम पर फूट डालने का काम न करें।
यूपी सरकार ने कसी कमर, सील होगी अयोध्या की सीमा
भाजपा ने भी विहिप की यात्रा का समर्थन किया है। पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि शांतिपूर्वक यात्रा पर रोक लगाना गलत है। उन्होंने कहा कि यह जनता के मूलभूत अधिकारों का सवाल है।
25 अगस्त से 13 सितंबर तक चलेगी यात्रा
अयोध्या में साधु-संतों की अगुआई में यह 20 दिनी यात्रा 25 अगस्त से 13 सितंबर तक निकलेगी। इसके तहत पांच जिलों में लगभग 350 किमी की पदयात्रा होगी। प्रत्येक दिन लगभग 200 संत अयोध्या में रामलला के दर्शन करेंगे।
मुलायम के रुख से नाराजगी
सिंहल ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की पार्टी में कुछ ऐसे जेहादी तत्व शामिल हैं जो हिंदू समाज के साथ शांति से रहने के पक्षधर नहीं हैं। उन्हीं जेहादियों के तुष्टिकरण के लिए सपा सरकार ने इस यात्रा की मंजूरी नहीं दी।
सिंहल ने कहा कि हालांकि 17 अगस्त को मुलायम से मुलाकात के दौरान विहिप नेताओं को लगा था कि यात्रा की अनुमति मिल जाएगी। सपा सरकार को चेतावनी देते हुए सिंहल ने कहा कि वह जेहादियों का तुष्टिकरण करने से बाज आए। मुलायम सिंह के रुख से सिंहल खासे नाराज दिखे।
विहिप ने मुलायम की यह दलील खारिज कर दी कि 84 कोसी यात्रा सिर्फ चैत्र माह में ही निकलती है, उन्होंने कहा कि जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने साफ कर दिया है कि 84 कोसी यात्रा कभी भी निकल सकती है।
सिंहल ने कहा कि चित्रकूट में कामदगिरि परिक्रमा, गोवर्धन परिक्रमा, ब्रज क्षेत्र की 84 कोसी यात्रा तथा दक्षिण की तिरुवन्मलई परिक्रमा कभी भी की जा सकती है।
सिंहल ने विहिप के इस कार्यक्रम को आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की अप्रत्यक्ष तौर पर मदद करने के आरोप को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विहिप लगातार मांग कर रही है कि अयोध्या में मंदिर बनाने के लिए ससंद को कानून बनाना चाहिए।