कासगंज में शुक्रवार को जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। नमाज को लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पहले से अलर्ट पर रहे। पूरे जिले में धार्मिक स्थलों पर पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किया गया था।
गुरुवार को जिले भर के सभी थानों में अमन कमेटी की बैठक की गई। जामा मस्जिद पर जिलाधिकारी आरपी सिंह और पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने बैठक कर लोगों से शांति की अपील की थी। अधिकारियों ने समाज के लोगों से कहा कि वे और लोगों को भी शांति के लिए प्रेरित करें जिससे किसी भी तरह की कोई अप्रिय स्थिति न बने।
जामा मस्जिद के इमाम ने भी शांति की अपील की और प्रशासनिक अधिकारियों को शांति का भरोसा दिया था। फिर भी शुक्रवार को जिले में धार्मिक स्थलों पर फोर्स तैनात रही। ऐसे में नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश जारी
मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज की सांप्रदायिक हिंसा के मामले में अभी तक मुख्य आरोपी सलीम सहित 42 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वहीं फरार 15 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ, क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की अन्य टीमें लगातार दबिश दे रहीं हैं।
अलीगढ़ के आईजी डा. संजीव गुप्ता स्वयं गिरफ्तारी के अभियान की समीक्षा कर रहे हैं। सांपद्रायिक हिंसा के मामले में अब तक 11 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। बिलराम गेट से कोतवाली के बीच फायरिंग, बलवा, जानलेवा हमला के मुकदमे में इंस्पेक्टर कासगंज ने चार आरोपियों को नामजद किया था।
अन्य अज्ञात में आठ आरोपी पुलिस की विवेचना में प्रकाश में आए। मामले में अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। चंदन की हत्या, जानलेवा हमले, राष्ट्रीय ध्वज के अपमान, बलवा की धाराओं में चंदन के पिता सुशील गुप्ता ने 20 आरोपियों को नामजद किया इनमें से नौ आरोपी पुलिस की विवेचना में प्रकाश में आए। कुल 29 आरोपियों में से 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।