कासगंज के भरगैन में उर्स के समापन के मौके पर मौजूद लोग।
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भरगैन। नगर के निजाम खां गेट के पास स्थित सूफी शाह मुहम्मद शफी मियां का 16वां उर्स सादगी और एहतराम के साथ मनाया गया। तीन दिवसीय उर्स के पहले दिन मिलाद शरीफ, दूसरे दिन महफिल-ए-समा और अंतिम दिन कुल शरीफ की फातिहा के साथ उर्स का समापन हुआ। कस्बे के तमाम सूफी लोगों ने शिरकत की।
सज्जादानशीन सूफी शाह असगर अली मियां ने देश दुनिया के हालात की बेहतरी और कोरोना के खात्मे के लिए अल्लाह से दुआ की। महफिल-ए-समा के आयोजन में अलीगढ़ की मशहूर इस्माइल साबरी कव्वाल पार्टी ने अकीदतमंदों को सूफियाना कलाम सुनाए। प्रस्तुति दी कि तेरी तस्वीर इन आंखों में उतर आयी है, सारी दुनिया तेरे चेहरे में नजर आई है। उर्स कार्यक्रम में गुल और चादरपोशी की रस्म अदा की गई। कुल शरीफ की फातिहा के साथ तीन दिवसीय उर्स-ए-पाक का समापन हो गया।
हाफिज होशियार मुहम्मद चिश्ती साबरी ने सलामती, खुशहाली, तरक्की के लिए दुआ की। इस दौरान सूफी अब्दुल लतीफ, हाफिज उमर खान, शमीम खान कल्लू, हाजी इशराक अली, हाजी अकबर अली, सूफी इकबाल मियां, हाजी बदरुल हसन, सूफी अब्दुल कलाम, शायर सरवर अली सरवर, समाजसेवी रिहान खान, सूफी अमीरुल हसन, हाजी हफीज खान, इरशाद खान, शोएब खान, आमिर खान रहे।