मैनपुरी। कोरोना संक्रमण के चलते न्यायालयों में अब केवल जरूरी मामलों की ही सुनवाई की जाएगी। हाईकोर्ट की गाइड लाइन के बाद न्यायालयों में भीड़ का दबाव कम करने की कवायद शुरू की गई है। जरूरी मामलों की सुनवाई के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराने के लिए जिला जज अनिल कुमार ने निर्देश जारी किए हैं।
कोरोना संक्रमण के बीच अब न्यायालयों में जमानतों के लंबित तथा नए मामले, अग्रिम जमानत के लंबित तथा नए मामले, चालान किए गए वाहनों की रिहाई के मामलों की सुनवाई की जाएगी।
तत्काल निषेधाज्ञा के लंबित तथा नए मामले, न्यायालय में पुलिस रिपोर्ट जमा करने के मामले, किसी अपराध में आरोपी की फरारी और कुर्की के मामले, अपहरण की गई किशोरियों और बालिकाओं के मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज होने वाले बयान भी प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किए जाएंगे। आपराधिक मामलों में संबंधित पक्षों की गैर मौजूदगी में उनके खिलाफ कोई आदेश पारित नहीं किया जाएगा और न ही दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
न्यायालयों में विभिन्न मामलों में विचाराधीन बंदियों के रिमांड की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही की जाएगी। रिमांड भी वीसी के माध्यम से ही मंजूर किए जाएंगे। नए बंदियों का रिमांड भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही मंजूर किया जाएगा।
कोरोना प्रोटोकॉल के बीच न्यायालय में व्यवस्थाओं के लिए गठित कमेटी देखेरख करेगी। अपर जिला जज प्रथम की अध्यक्षता में गठित की गई कमेटी न्यायालय परिसर को जिला जज की देखरेख में सैनिटाइज कराने का काम करेगी।
न्यायालयों में सुनवाई के लिए निर्धारित नियमों तथा तय किए गए मानकों के संबंध में सभी न्यायिक अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। जिला जज के आदेश का कड़ाई से पालन कराने केे लिए कहा गया है।
सत्येंद्र कुमार चौधरी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण