आगरा की आवास विकास कॉलोनी में कार में रखी दरोगा की टोपी (पी कैप) पहनकर एक युवक ने फोटो खिंचाई और व्हाट्सएप स्टेटस पर लगा ली। फोटो वायरल हो गई। एक व्यक्ति ने इसे ट्वीट कर दिया। इस पर हरकत में आई थाना जगदीशपुरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। वह सिकंदरा पुलिस का वांछित भी निकला। उसे जेल भेजा गया है।
मामला थाना जगदीशपुरा क्षेत्र का है। 15 अगस्त पर एक फोटो वायरल हुआ था, जिसमें युवक कार के अंदर दरोगा की पी-कैप पहने हुआ था। उसने फोटो व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाई थी। मामले में एक व्यक्ति ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के रहने वाले आरोपी की दबंगई से क्षेत्र में दहशत। पुलिस की टोपी लगाकर अपने आपको थानाध्यक्ष बताता है। लोगों से चौथ वसूली करता है।
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दर्ज हुआ मुकदमा
थानाध्यक्ष जगदीशपुरा जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान श्याम नगर निवासी जुबैर के रूप में हुई। मामले में एसआई नितेश कुमार गौतम की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया। इसमें कपटपूर्ण आशय से लोकसेवक की पोशाक पहनने की धारा लगाई गई। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की गई। हालांकि वो मुचलके पर रिहा हो गया। उधर, पुलिस ने जांच की तो पता चला कि जुबैर थाना सिकंदरा से एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में वांछित है। इसकी जानकारी थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
आखिर कैसे खींच ली फोटो?
पुलिस की पूछताछ में आरोपी जुबैर ने बताया कि वह सेक्टर-7, आवास विकास काॅलोनी से निकलकर जा रहा था। तभी उसे एक कार में पुलिस की कैप रखी दिखी। कार में कोई बैठा नहीं था। उसने कार में कैप पहनकर बहन के मोबाइल से फोटो खींची। उससे गलती हो गई। सवाल उठता है कि ऐसे कौन दरोगा थे, जिन्होंने कार में कैप रखी थी। आरोपी ने कार को कैसे खोलकर प्रवेश किया? कहीं आरोपी की किसी पुलिसकर्मी से दोस्ती तो नहीं थी? इससे पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठता है। सेक्टर-7 के पास ही सेक्टर-4 पुलिस चौकी भी है।