मृत बंदर को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते वनकर्मी
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वृंदावन में बंदरों की मौत का मामला अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जीव-जंतु कल्याण बोर्ड तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता दीपक पाराशर ने इन सभी को डाक द्वारा शिकायती पत्र भेजा है।
उधर, अब तक जिन तीन बंदरों का पोस्टमार्टम कराया गया है उनका विसरा अभी भी पशु चिकित्सालय में ही रखा है। इसे जांच के लिए नहीं भेजा गया है। चिकित्सक मामले में मुकदमा दर्ज होने का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस इस मामले में पार्षद और शिकायतकर्ता दीपक की तहरीर को तवज्जो नहीं दे रही है। दोनों ने दो दिन पहले तहरीर दी थी। वृंदावन में अब तक 100 से अधिक बंदर मर चुके हैं।
गोविंद बाग, लोई बाजार व प्रताप बाजार में हुई बंदरों की मौत के बाद भले ही डॉक्टरों ने बिना रिपोर्ट दर्ज किए पोस्टमार्टम कर दिए हों लेकिन उन्होंने विसरा पशु चिकित्सालय में ही सुरक्षित रख लिया है। मुकदमा दर्ज न होने के कारण इन्हें आगरा फॉरेंसिक लैब नहीं भेजा गया है।