फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संवेदनहीनता: सरकारी मेडिकल कॉलेज में रातभर तड़पता रहा घायल, देखने तक नहीं आए डॉक्टर

Sun, 05 May 2019 12:27 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर डॉक्टरों की संवेदनहीनता सामने आई है। हादसे में घायल युवक 10 घंटे तक इमरजेंसी में तड़पता रहा, लेकिन कोई भी डॉक्टर उसे देखने तक नहीं आया। परिजन डॉक्टर से मिन्नतें करते रहे, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा। 
विज्ञापन


हद तो तब हो गई, जब जूनियर डॉक्टरों ने सुबह जबरन मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। परिजनों ने प्राचार्य से मामले की शिकायत की। इसके बाद बाद मरीज को दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। वहीं शिकायत से नाराज जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार से अभद्रता कर दी।
 
एटा निवासी ताराचंद (55) सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद शुक्रवार की शाम को एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। तीमारदारों का आरोप है कि सिर में गंभीर चोट लगी थी, लेकिन रात में विशेषज्ञ चिकित्सक देखने तक नहीं आए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉक्टर बोले- कहीं और इलाज करो लो

कई बार जूनियर डॉक्टरों से दिमाग वाले डॉक्टर बुलाकर इलाज कराने के लिए कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। तीमारदारों ने कहा कि सुबह जूनियर डॉक्टरों ने मरीज को जबरन डिस्चार्ज कर दिया और कहा कि कहीं और इलाज करा लो। 

तीमारदारों ने प्राचार्य कार्यालय में जाकर शिकायत की। ऐसे में प्राचार्य ने मरीज को सर्जरी विभाग में भर्ती करवाकर इलाज शुरू करवाया। तीमारदारों का कहना है कि प्राचार्य से शिकायत करने पर जूनियर डॉक्टर नाराज हो गए और उनसे अभद्रता की। वार्ड से बाहर भी निकाल दिया। 

प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का कहना है कि रात में मरीज को इलाज दिया गया। जूनियर डॉक्टरों ने विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह भी ली थी। जूनियर डॉक्टरों ने सीटी स्कैन की जरूरत बताई थी। मरीज का इलाज चल रहा है, अभद्रता की जांच कराई जाएगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें