बुआ ने समझाया था, गलत कदम न उठाना
थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सिंह राघव ने बताया कि जिस समय विशाल सड़क पर पड़ा मिला, उस समय उसके मोबाइल पर एक कॉल आ रहा था। मोबाइल जेब में था। नंबर पर नाम मंजू बुआ लिखा आ रहा था। इस पर पुलिस ने उनसे बात की। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद से बोल रही हैं। विशाल तनाव में था। वह बार-बार आत्महत्या करने की कह रहा था। इस पर वो उसे समझा रही थीं। आधे घंटे से बात कर रहा था।
उन्होंने यह भी बताया कि उसके एक युवती से प्रेम संबंध थे। पिछले कुछ दिनों से युवती बात नहीं कर रही। वह यही कह रहा था कि युवती ने धोखा दिया है, अब जीना नहीं चाहता है। व्हाट्सएप पर चैटिंग भी की थी। तब भी बुआ ने समझाया कि कोई गलत कदम न उठाना मगर, विशाल ने फोन काट दिया।
व्हाट्सप चैटिंग को मिटा दिया था
विशाल ने व्हाट्स एप चैटिंग को मिटा दिया था। पुलिस ने उसके मोबाइल को एक्सपर्ट से खुलवाया। इसके बाद डिलीट चैट को रिकवर कराया। इसमें घर के पास ही एक युवती से संबंध की बात सामने आई है। दोनों की बातचीत की चैट भी हैं।
मृतक के चाचा जितेंद्र ने अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया है। अन्य घरवालों को उसके प्रेम संबंध की जानकारी नहीं थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। काल डिटेल भी निकाली जाएगी।
पिता की हो चुकी थी मौत
परिजनों ने पुलिस को बताया कि विशाल के पिता की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। उसकी दो छोटी बहनें हैं। वह चाचा जितेंद्र के साथ ही रहता था। इंटर पास था। अब डिप्लोमा कर रहा था। परिवार का एक साइबर कैफे है। उस पर ही बैठता था।
वह मंगलवार रात को आठ बजे घर से जलेबी खाने जाने की कहकर निकला था। इसके बाद रात 11 बजे तक नहीं आया। चाचा जितेंद्र ने उसका फोन भी मिलाया, लेकिन फोन नहीं लगा। इस पर वो उसकी तलाश कर रहे थे। रात में किसी ने बताया कि एक युवक घर के पास पड़ा हुआ है। जाकर देखा तो वह विशाल की लाश थी।