आगरा की थाना हरीपर्वत पुलिस ने गुरुवार को देहली गेट स्थित अस्पताल के कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया। उस पर आरोप था कि अस्पताल की पूर्व नर्स की फोटो को उसने व्हाट्सएप डीपी पर लगाया था। इसके बाद चैट भी करने लगा। इससे बदनाम करने की कोशिश की। युवती के मना करने पर भी नहीं माना। पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की, हालांकि मुकदमा दर्ज नहीं कराया। आरोपी का शांति भंग में चालान किया गया है।
फिरोजाबाद जिले की युवती ने देहली गेट के अस्पताल से नर्स की नौकरी कई महीने पहले छोड़ दी थी। अस्पताल में कार्यरत अंशुल सिंह पर उसकी फोटो व्हाट्स एप डीपी पर लगा ली। इसके लिए नए नंबर का इस्तेमाल किया। लोगों से व्हाट्स एप पर चैट कर रहा था। उसकी बदनामी कर रहा था। कई लोगों ने उसे बताया। आरोपी को व्हाट्स एप पर कॉल कर मना किया लेकिन उसकी हरकत बंद नहीं हुई। अस्पताल संचालक को बताया लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं किया। आखिर में पीड़िता ने पुलिस से गुहार लगाई।
थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर आरोपी को पकड़ा गया था। आरोप की पुष्टि हो गई थी। मगर, पीड़िता ने तहरीर वापस ले ली। कहा कि वह मुकदमा दर्ज कराएगी तो नौकरी में मुश्किल आएगी। इस पर पुलिस ने आरोपी का शांतिभंग में चालान किया। उसको हिदायत दी गई है कि वह एक सप्ताह तक प्रतिदिन थाने पर हाजिरी देने आएगा। दोबारा शिकायत मिली तो जेल भेज दिया जाएगा। अगर, युवती चाहेगी तो मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।