पूर्व मंत्रियों की दलील
पूर्व मंत्री चौधरी बाबूलाल ने कहा कि मुलायम सिंह की सरकार में मैंने आलू से वोदका बनाने की फैक्टरी आगरा में बनाने के लिए फाइल स्वीकृत करके भेजी थी, पर वह इटावा में फैक्टरी लगाना चाहते थे, इसलिए उसे मंजूरी नहीं दी। वह फाइल आज भी मंत्रालय में पड़ी हुई है। मैने अपनी ओर से प्रयास बहुत किए पर वह इटावा से आगे बढ़ने के लिए तैयार न थे।
आलू उत्पाद पर ज्यादा समय नहीं मिला
पूर्व राज्यमंत्री के डॉ. जीएस धर्मेश ने कहा कि मेरे पास समाज कल्याण विभाग था, उसमें आगरा के लिए विशेष करने को कुछ नहीं था। खाद्य प्रसंस्करण का प्रभार मिलने पर आलू के उत्पाद बनाने को एक बैठक बुलाई थी, पर ज्यादा समय मिला ही नहीं।
ओडीओपी में मार्बल हैंडीक्राफ्ट, दरी को शामिल कराया
राज्यमंत्री के चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि मेरे कार्यकाल से पहले आगरा केवल लेदर के लिए चर्चित था, पर मैने ओडीओपी में मार्बल हैंडीक्राफ्ट, दरी को शामिल कराया। एक्सप्रेसवे पर गारमेंट हब का काम आगे बढ़ाया और फतेहपुरसीकरी में दरी-गलीचे के काम के लिए यूनिट तैयार कराई।