यमुना का जलस्तर घटा (सांकेतिक तस्वीर)
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आगरा जिले की 60 से अधिक नहर-माइनर, रजवाह एक महीने से सूखे पड़े हैं। यमुना नदी में पानी की कमी के कारण ओखला बैराज से नहरों का संचालन नहीं हो पा रहा। ऐसे में गुरुवार को सिंचाई विभाग ने खरीफ सीजन में कम पानी वाली फसलें बोने की अपील की है। साथ नहरों को काटकर अवैध रूप से सिंचाई करने पर कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है।
दो दिन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने सिंचाई बंधु की बैठक में रोस्टर के मुताबिक पानी नहीं मिलने पर आपित्त जताई थी। मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता को आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, लेकिन नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया। गुरुवार को सिंचाई विभाग ने नहरों के संचालन से हाथ खड़े कर दिए हैं। सिंचाई विभाग के मुताबिक यमुना नदी में पानी की कमी के कारण नहरों को क्षमता के मुताबिक नहीं चलाया जा सकता।
इधर, गर्मी में सूखी नहरों से तंग किसानों में आक्रोश है। धान की पौध सूख रही है। आगरा को ओखला बैराज से निकली आगरा नहर से सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति होती है। रोस्टर में 500 क्यूसेक पानी आवंटित है, लेकिन पिछले एक महीने से जिलेभर में मुख्य नहर सूखी हैं। जिले में 90 से अधिक नहर, माइनर, रजवाह की लंबाई करीब 650 कि.मी है।