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पाकिस्तान के लिए जासूसी का मामला : आरोपी सैन्यकर्मी से गोपनीय दस्तावेज लेता था ठेकेदार हबीब

Fri, 16 Jul 2021 02:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/आगरा। 

सार

  • गोपनीय दस्तावेज देने के बदले पाकिस्तान से दोनों के बैंक खातों में हवाला के जरिये पैसे आए थे
  • पुलिस का कहवा है कि इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं
  • इस मामले में सैन्यकर्मी सहित अब तक दो गिरफ्तार
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सांकेतिक तस्वीर... - फोटो : social media
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के मामले में आगरा कैंट से सैन्यकर्मी परमजीत को बुधवार को गिरफ्तार किया। परमजीत ही ठेकेदार हबीबुर्रहमान उर्फ हबीब को गोपनीय दस्तावेज देता था। हबीब गोपनीय दस्तावेज आगे आईएसआई हैंडलर को देता था। इन पाकिस्तान हैंडलर को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। गोपनीय दस्तावेज देने के बदले पाकिस्तान से दोनों के बैंक खातों में हवाला के जरिये पैसे आए थे। जासूसी के मामले में हरियाणा पुलिस के एक सिपाही को भी गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) प्रवीर रंजन ने बताया कि अपराध शाखा की टीम एक ऑपरेशन पर काम कर रही थी, तभी सूचना मिली थी कि कुछ लोग सेना से संबंधित गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को दे रहे हैं। ये लोग जासूसी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इसके बाद पोखरण, राजस्थान से हबीबुर्रहमान को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से सेना के गोपनीय दस्तावेज, पोखरण सेना कैंप का नक्शा और लोकेशन बताने वाले कागजात बरामद किए गए। 

उन्होंने बताया कि हबीबुर्रहमान से पूछताछ में आगरा में तैनात सैन्यकर्मी परमजीत का नाम बताया। परमजीत आगरा कैंट में ऑपरेशन यूनिट में तैनात है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने परमजीत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों की मानें तो मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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हबीबुर्रहमान भारतीय सेना में ठेकेदार के रूप में काम कर रहा था। पोखरण क्षेत्र में संचालित इंदिरा रसोई में सब्जियां सप्लाई करने का ठेका भी उसके पास था। इस कारण आरोपी की पहुंच सेना की रसोई तक थी। परमजीत की पहले तैनाती पोखरण में ही थी। इस कारण हबीबुर्रहमान व परमजीत की जान-पहचान थी। इन दोनों को कागजात कमल नाम के व्यक्ति को देने थे। 

पाकिस्तान जाने पर हैंडलरों के संपर्क में आया
विशेष पुलिस आयुक्त प्रवीर रंजन ने बताया कि हबीबुर्रहमान के रिश्तेदार पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहते हैं। वह कुछ वर्ष पहले अपने रिश्तेदारों से मिलने गया था। इसी दौरान पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में आया था। हैंडलरों के कहने पर खुफिया नेटवर्क में शामिल हो गया। पाकिस्तान हैंडलरों ने इससे कागजात मांगे। जासूसी नेटवर्क में इनकी संलिप्तता की पुष्टि हो गई है। 

हवाला के जरिये खातों में आए पैसे
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोपनीय दस्तावेज देने की एवज में दोनों के बैंक खातों में हवाला के जरिये पैसे आए। बैंक खातों की डिटेल से इसकी पुष्टि होती है। इनके कई बैंक खातों का पता लगा है। इन बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। बैंक खातों में काफी पैसे हैं।

सेना के गोपनीय दस्तावेज लीक करने पर सिपाही गिरफ्तार
भारतीय सेना के गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान को लीक करने के आरोप में हरियाणा पुलिस के एक सिपाही को गिरफ्तार किया है। सिपाही सुरेंद्र सिंह को सेना पुलिस और हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय के गेट से ड्यूटी के दौरान गिरफ्तार किया। आरोपी सिपाही को बीते महीने गारद ड्यूटी में लगाया गया था।

जिला पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत ने बताया कि सिपाही सुरेंद्र सिंह को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत कैंप थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस को इस बारे में स्पेशल टास्क फोर्स ने सूचना दी थी। आरोपी के खिलाफ कैंप थाना पुलिस में मुकदमा दर्ज किया गया है। कैंप पुलिस आरोपी को एसटीएफ के हवाले करेगी। उसके बाद की कार्रवाई एसटीएफ और सेना पुलिस ही करेगी। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि आरोपी हरियाणा पुलिस में भर्ती होने से पहले सेना में नौकरी करता था। कुछ समय पहले पलवल आए सुरेंद्र सिंह पर सेना के गोपनीय दस्तावेज लीक करने का आरोप है। 

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