यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। मंगलवार को घाटों के पास से निकलने वाला परिक्रमा मार्ग भी जलमग्न हो गया। वहीं, ताजेवाला बांध से छोड़े गए पानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने आवश्यक इंतजाम करना शुरू कर दिया है।
जिला मुख्यालय के साथ तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। दो कंपनी पीएसी की डिमांड कर दी गई है। एनडीआरएफ की मदद लेने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही यमुना किनारे के गांवों को खाली करने के लिए डुगडुगी बजाई जा रही है।
रविवार को ताजेवाला बांध से छोड़े गए 8.28 लाख क्यूसेक पानी से अब यमुना में हलचल शुरू हो गई है। पानी बढ़ता देख गोकुल बैराज से आगरा के लिए भी ज्यादा मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।
मंगलवार दोपहर तीन बजे 17,204 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि अभी गोकुल बैराज के सभी गेट नहीं खोले गए हैं। शाम तीन बजे तक ओखला से 92,824 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस दौरान मथुरा में प्रयागघाट पर यमुना 163.45 मीटर पर बह रही थी।
यमुना का जलस्तर तेजी से बढने लगा है
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प्रभारी अधिकारी एडीएम वित्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि दिल्ली में ओखला बैराज पर नजर रखी जा रही है। यहां पानी का बहाव ही मथुरा में बाढ़ की स्थिति को स्पष्ट करेगा। उधर, गांवों को खाली कराने के लिए डुगडुगी भी बजाई गई।
यमुना के निकटवर्ती सभी गांवों को खाली कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है। छाता, मांट, सदर और महावन तहसील में कंट्रोल रूप स्थापित कर दिए गए हैं।
प्रभावित लोगों को रहने के लिए स्थाई कैंप की चिंहित जगह का जायजा लिया जा रहा है। उधर, केशीघाट से लगे परिक्रमा मार्ग में भी पानी भर गया। इसे लेकर लोग परेशान रहे। पुलिस ने यमुना तट पर गस्त बढ़ा दी है। खतरे की आशंका के चलते पुलिस ने यमुना में नाव चलाने से नाविकों को रोक दिया है।
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी का कहना है कि यमुना का जलस्तर बढ़ा है। लेकिन अभी जिला प्रशासन द्वारा किसी तरह के निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देश पर मिलने पर ही बाढ़ राहत केंद्र व मुनादी कराई जाएगी। नगर निगम पूरी तरह इस मामले से निपटने के लिए तैयार है।
बाढ़ को लेकर कमिश्नर ने की समीक्षा
यमुना में बाढ़ की संभावना को देखते हुए जनपद स्तर पर की जा रही तैयारियां की मंगलवार को सदर तहसील में कमिश्नर अनिल कुमार ने समीक्षा की। इस दौरान आईजी आगरा जोन ए सतीश गणेश की मौजूदगी में डीएम सर्वज्ञराम मिश्र और एसएसपी शलभ माथुर ने तैयारियों की जानकारी दी। आईजी ए सतीश गणेश ने बताया कि एनडीआरएफ की मदद भी ली जाएगी। हालांकि इससे पूर्व पीएसी मांगी गई है।
वहीं यमुना किनारे बनीं कालोनियों में भी बढ़ते जलस्तर को लेकर हलचल मची है। केशीघाट की चार सीढ़ियां जलमग्न हो गई है। यमुना किनारे बनी कालिंदी विहार, यमुना विहार, पानीघाट क्षेत्र, हुड़दंग नगर कालोनियों में मकान बनाकर रह रहे हजारों को लोगों को भी बढ़ते जलस्तर से बाढ का खतरा सताने लगा है।