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Flood In Agra: यमुना में उफान से डूबे 40 गांव, 12 कॉलोनियां व हजारों बीघा फसल जलमग्न; शहर से टूटा संपर्क

Wed, 19 Jul 2023 12:56 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

Flood In Agra: यमुना में उफान से 40 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया। इसके अलावा 12 कॉलोनियां व हजारों बीघा फसल भी जलमग्न हो गई। गांवों का शहर से संपर्क टूटने से लोगों में दहशत है। 
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Flood In Agra: यमुना में उफान से डूबे 40 गांव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना में आई बाढ़ से मंगलवार को 40 गांव के रास्ते डूब गए। शहर में दयालबाग से लेकर बल्केश्वर तक 12 कॉलोनियों में पानी भरा है। हजारों बीघा फसल डूब गई है। अब तक जनहानि की कोई सूचना नहीं। पिछले 13 घंटे में जलस्तर एक फीट बढ़कर 499.2 फीट हो गया। खतरा बरकरार है। बचाव व राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ तैनात की गई हैं।

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शहर में बल्केश्वर स्थित लोहिया नगर, चांदनी नगर में पानी भर गया। रास्ते डूब गए। तहसीलदार रजनीश वाजपेयी ने बताया कि चांदनी नगर से 4 परिवारों को सुरिक्षत स्थान पर भेजा किया है। दयालबाग में तनिष्क राजश्री अपार्टमेंट तक पानी भरने से लोग फंस गए। सिकंदरपुर, नगला तल्फी, मनोहपुर, पोइया घाट, बाबरपुर, मदनपुर में हजारों बीघा फसल डूब गई है।

वॉटर वर्क्स पर मंगलवार शाम 6 बजे जलस्तर 499.2 फीट था। जो खतरे के निशान से 4 फीट अधिक है। लो फ्लड लेवल 495 फीट है। यमुना मीडियम फ्लड लेवल को पार कर गई है। गोकुल बैराज से डिस्चार्ज 1.35 लाख क्यूसेक है। ओखला बैराज से 60 हजार क्यूसेक पानी नदी में प्रवाहित हो रहा है। सिंचाई विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी आ सकती है। पिछले 6 घंटे से जलस्तर स्थिर है।

फसलों को हुआ भारी नुकसान

डीएम नवनीत सिंह चहल ने बताया कि अभी तक फसलों को भारी नुकसान का अनुमान है। जलस्तर कम होने पर सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि 11 आश्रय स्थल बनाए हैं। शहरी क्षेत्र में मोती बाग की तरफ कुछ मकानों के पास जलभराव हुआ था। यमुना किनारा पर निरीक्षण किया है। नदी किनारे लोगों के जाने पर रोक है। बैरिकेडिंग की गई है।

Flood In Agra: यमुना में बाढ़ से टापू में फंसे ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

इतने गांव में भरा पानी

  • बाह तहसील : 12
  • सदर तहसील : 11
  • फतेहाबाद तहसील : 8
  • एत्मादपुर तहसील : 5
  • किरावली तहसील : 4

फैक्ट फाइल...

  • 180 किमी. यमुना जिले की सीमा में बहती है।
  • 50 नांव, मोटर बोट तैनात की गईं।
  • 01 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए
  • 499.2 फीट है वॉटर वर्क्स पर जलस्तर
  • 0562-2260550 कंट्रोल रूम नंबर

शहर में यहां बनीं बाढ़ चौकियां

कैलाश मंदिर, अमर विहार पुलिस चौकी, पोइया घाट, बल्केश्वर घाट, हाथी घाट, कमभना मुस्तकिल, तनौरा नूरपुर, समोगर और मोती महल कछपुरा के अलावा जिले में कुल 47 बाढ़ चौकियां प्रशासन ने बनाई हैं।

शहर में बनाए गए 15 राहत कैंप

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन ने शहर में 15 राहत कैंप बनाए हैं। जिनमें सुबह-शाम लोगों को खाने के पैकेट बांटे जा रहे हैं। एडीएम वित्त यशवर्धन श्रीवास्तव ने बताया कि कैलाश स्थित कैंप में 100 पैकेट मंगलवार को बांटे गए हैं। बाईंपुर स्थित श्रीराम इंटर कॉलेज व कैलाश स्थित श्यामकुटी, अमर विहार स्थित चौधरी वीरी सिंह इंटर कॉलेज में राहत कैंप बनाए गए हैं। 
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Flood In Agra: यमुना में बाढ़ से गांवों का शहर से संपर्क टूटा - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा बंबई वाली बगीची, बल्केश्वर में आईटीआई कॉलेज व संत रामकृष्ण इंटर कॉलेज, पोइया घाट स्थित बलूनी पब्लिक स्कूल व श्रीराम सैंटेनियल स्कूल सिकंदरपुर, हाथी घाट पर केदारनाथ सेकसरिया व महर्षि परशुराम इंटर कॉलेज, करभना में प्राथमिक विद्यालय, समोगर में पीडब्ल्यूडी क्वाटर, कछपुरा में आंबेडकर सामुदायिक भवन व रेलवे माल गोदाम में भी राहत कैंप बनाए हैं।

खतरा बरकरार, सतर्क रहें लोग

डीएम नवनीत सिंह चहल ने बताया कि जलस्तर स्थिर है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं। बारिश से जलस्तर बढ़ सकता है। लोग लापरवाही नहीं बरतें। सतर्क रहें। आकस्मिक स्थिति में कंट्रोल रूम पर सूचित करें। सभी टीमों को अलर्ट पर रखा है। राहत व बचाव कार्य जारी है। 
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