फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्व हृदय दिवस: हंसी-खुशी और फिटनेस की डोज से खिलखिला रहा दिल, डॉक्टरों ने दिए तनाव दूर करने के मंत्र

Wed, 29 Sep 2021 10:30 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

कोरोना महामारी के बाद ऐसे मरीज डेढ़ गुना तक बढ़े हैं। कामकाजी युवाओं में फास्ट फूड, होटल-ढ़ाबे का खाना, धूम्रपान और देर रात तक जागने से हृदय रोग की परेशानी बनी।
विज्ञापन
विश्व हृदय दिवस 2021: प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उम्र 30-40 और लग गई हृदय की बीमारी। डॉक्टरी जांच में खराब फिटनेस-तनाव वजह मिले। दवा तो दी ही, योग-ध्यान करने और ऐसी ही परिस्थितियों में हंसी-खुशी से रहने की डोज भी दी। दो-तीन महीने में असर भी दिखा। परेशानी कम हुई और दिल खिलखिलाते हुए मिला।

विज्ञापन

आगरा हार्ट एसोसिएशन के सचिव डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि शहर में 40 हृदय रोग विशेषज्ञ हैं। औसतन एक हृदय रोग विशेषज्ञ पर 50 मरीज रोज आ रहे हैं। इनमें 15-20 मरीज 30-40 की उम्र के हैं। इनमें हृदय का प्रति मिनट 120 से 150 बार धड़कना, 15 से 20 दिन में छाती में दर्द, पसीना आना, सांस फूलना और बेचैनी की परेशानी मिली। तीन से पांच मरीजों में वाल्व की दिक्कत और माइनर हृदयाघात भी हुआ। पूछताछ में मोटापा और सोने-जागने का ढर्रा बिगड़ा हुआ था। कार्य का दबाव, मनमाफिक नौकरी-वेतन न मिलना, अच्छे भविष्य को लेकर तनावग्रस्त मिले। खासतौर से कोरोना महामारी के बाद ऐसे मरीज डेढ़ गुना तक बढ़े हैं। कामकाजी युवाओं में फास्ट फूड, होटल-ढ़ाबे का खाना, धूम्रपान और देर रात तक जागने से हृदय रोग की परेशानी बनी। इनको तनाव से बचने के लिए खुश रहने, योग, ध्यान और नियमित व्यायाम करने को भी कहा। 10 से 15 महीने में यह प्रभावी मिला। 

डॉक्टरों ने यह दिए फिटनेस और तनाव दूर करने के मंत्र: 
- पुराने मित्रों से मिलने का समय निकालें, यादों को ताजा कर खूब खिलखिलाएं। 
- सब्जी समेत अन्य कार्य को तीन से पांच किमी की दूरी के लिए साइकिल उपयोग करें।
- इमारत पर चढ़ने के लिए लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों पर चढ़कर जाएं। 
- कार्यस्थल पर खुशनुमा माहौल बनाएं, लगातार कार्य के बीच कुछ मिनट टहलें।
- 30 मिनट तक रोजाना तेज गति से चलें। क्षमता के आधार पर रस्सी कूदें।
- पार्क न जा सकें तो छत पर ही योग करें। ध्यान लगाएं।
- फल, सलाद, हरी सब्जी समेत पौष्टिक भोजन लें। 
- फास्ट फूड, धूम्रपान से बचें। रात में जल्दी सोने की आदत डालें।
- मोबाइल, लैपटोप, कंप्यूटर और टीवी पर ज्यादा समय न बिताएं।
 
इनका रखें ख्याल:
रक्तचाप: 120/80
कोलेस्ट्रोल: 200 एमजी/डीजी से कम
बेड कोलेस्ट्रोल: 100 एमजी/डीजी से कम
गुड कोलेस्ट्रोल: 50 एमजी/डीजी से कम
ग्लूकोज का स्तर खाली पेट: 100 एमजी/डीजी से कम
बीएमआई: 25 केजी/एम 
 
विज्ञापन

यह हैं लक्षण: 
- सांस लेने में परेशानी महसूस करना।
- थोड़ा कार्य करने पर थकावट, नीरसता। 
- भूख कम लगना, नींद में कमी होना।
- पेट, पैरों पर सूजन, पेट में बेचैनी महसूस करना।
- घबराहट, चक्कर आना, छाती में दर्द होना।

यह बोले लोग: 
 रोज चला साइकिल, दोस्तों से मिलकर करता गपशप

आवास विकास कॉलोनी के अभिनव गोयल ने बताया कि दो साल पहले सीने में दर्द, घबराहट होती थी। जांच में कोलेस्ट्रोल भी बढ़ा मिला। व्यापार के चलते में बाजार का खानपान होता था। डॉक्टर ने दवाएं देने के साथ योग, व्यायाम करने की सीख दी। अब घर का भोजन प्रतिष्ठान पर लाने लगा, दोस्तों से भी खूब गपशप कर तनाव दूर करता हूं। दवाएं बंद हो चुकी हैं। 

आठ से दस किमी रोजाना साइकिल चलाने की डाली आदत 
दयालबाग के सत्यवीर सिंह ने बताया कि डेढ़ साल से सीने में जकड़न और पसीना आने की शिकायत होने लगी। घबराहट भी होती थी। जांच कराने पर डॉक्टरों ने कहा कि हृदय रोग की शुरूआती लक्षण हैं। ऐसे में डॉक्टर के परामर्श पर सुबह आठ से 10 किमी साइकिल चलाना शुरू कर दिया है। शुरूआत में थकावट हुई, लेकिन अब आराम है, डॉक्टर ने दवाएं बंद कर दी हैं। आवास विकास कॉलोनी प्रखर सिंह 

डॉ. योगिता गौतम हत्याकांड: बेटी की मौत के साथ टूट गए परिवार के सपने, एक साल बाद भी नहीं पेश की बालों की डीएनए रिपोर्ट
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें