मैनपुरी के आवास विकास स्थित एक्सीलरेटेड लर्निंग कैंप में मूक बधिर बच्चों की खामोशी भले ही दिव्यांगता का अहसास कराती है, लेकिन उनका हुनर इसे पीछे छोड़ देता है। कैंप में 50 बच्चे पढ़ रहे हैं। मूक बधिर छात्राओं का एक ग्रुप नृत्य में पारंगत है। तो किसी को गायन में महारत हासिल है।
इस ग्रुप में शामिल डिंपल, माधुरी, निशा और शालिनी बोल नहीं सकती हैं। लेकिन जब वे नृत्य प्रस्तुत करती हैं तो हर कोई उनकी प्रतिभा का कायल हो जाता है। अब तक आयोजित हुए कई कार्यक्रमों में इस ग्रुप को पुरस्कृत भी किया जा चुका है।
दृष्टिबाधित छात्रा शिवा गुप्ता के कंठ में जैसे सरस्वती का वास है। शिवा का भजनों को प्रस्तुत करने का तरीका ऐसा है कि हर कोई भाव विभोर हो जाता है। अन्य बच्चों को भी वह गायन की प्रतिभा सिखा रहा है।