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मिट्टी ढहने से 35 फीट बोरिंग में समाया मजदूर, साढ़े तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, नहीं बच सकी जान

Sun, 26 Jul 2020 01:42 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
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दो घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज क्षेत्र में रविवार की सुबह 35 फीट गहरी नलकूप की बोरिंग की सफाई कर रहा मजदूर मिट्टी ढह जाने से बोरवेल में दब गया। साढ़े तीन घंटे बाद मजदूर को मृत अवस्था में बोरवेल से निकाला गया। शव निकलने के बाद परिवारीजनों और प्रशासन के बीच झड़प होने से मामला गरमा गया। परिजन शव को लेकर अपने गांव की ओर जाने लगे। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

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सिरसागंज के गांव सैफपुर से रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि मलिखान के खेत में लगे नलकूप की सफाई के दौरान मजदूर कल्याण सिंह उर्फ करू (40) पुत्र हरिदयाल निवासी नगला बिका (जनपद मैनपुरी) बोरिंग में मिट्टी ढहने से दब गया है। इस पर सिरसागंज थाना प्रभारी गिरीश चंद्र और शिकोहाबाद थाना प्रभारी सुनील तोमर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम कुमारचंद्र जवालिया और सीओ डा. ईरज राजा भी मौके पर पहुंच गए। 


मजदूर को बचाने के लिए दो जेसीबी मशीनों और एक ट्रैक्टर की मदद से बोरिंग के आसपास खोदाई शुरू की गई। पुलिस ने फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम को भी मौके पर बुला लिया। लगभग साढ़े तीन घंटे की कोशिश के बाद 11 बजे कल्याण को बोरिंग से निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें बंद हो चुकी थी। गुस्साए परिजन पुलिस के हाथों से शव को लेकर भाग खड़े हुए। मौके से तीन खेत के बाद शव को ले जाकर रख लिया। 

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एसडीएम के समझाने के बाद परिवारीजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। मृतक का गांव घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर था। मृतक की पत्नी, बच्चे और भाई भी घटनास्थल पर पहुंच गए। परिजन मैनपुरी जिले में घटना पर जांच और कार्रवाई चाह रहे थे, इस लिए शव को लेकर मैनपुरी सीमा क्षेत्र की तरफ दौड़े। पुलिस और एसडीएम के समझाने पर परिजन मान गए और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
   
भाई का आरोप जबरन कराई जा रही थी सफाई 

मृतक के भाई सत्यदेव ने बताया कि उसका भाई कल्याण उर्फ करू पिछले तीन दिनों से इस बोरवेल की सफाई कर रहा था। उसके साथ बलवीर और सैफपुर का ही एक अन्य मजदूर उसके सहयोग के लिये भी था। दो दिनों की सफाई के बाद कल्याण ने बोरवेल की मिट्टी ढहने की संभावना भी जताई थी लेकिन फिर भी जबरन सफाई करवाई गई। 

चार बच्चों के परिवार का भरण पोषण करता था कल्याण

मैनपुरी के गांव नगला बिका का रहने वाला कल्याण उर्फ करू के तीन बेटे हैं, इनमें सबसे बड़े बेटे कमलेश की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। दूसरा बेटा सोनू  14 साल और तीसरा बेटा भूरे  11 साल का है। उसकी बेटी निशा अभी सात साल की है। कल्याण मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। 

एसडीएम कुमारचंद्र जवालिया ने बताया कि बोरवेल में मिट्टी ढहने से सफाई कर रहे श्रमिक की मिट्टी में दबकर मौत हो गई है। शव को बोरवेल से निकाल कर पोस्टमार्टम कराया गया। परिजन यदि इस मामले में कोई तहरीर देंगे तो नलकूप स्वामी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। पीड़ित परिवार को मुआवजा भी दिलाया जाएगा। 
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