एसडीएम के समझाने के बाद परिवारीजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। मृतक का गांव घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर था। मृतक की पत्नी, बच्चे और भाई भी घटनास्थल पर पहुंच गए। परिजन मैनपुरी जिले में घटना पर जांच और कार्रवाई चाह रहे थे, इस लिए शव को लेकर मैनपुरी सीमा क्षेत्र की तरफ दौड़े। पुलिस और एसडीएम के समझाने पर परिजन मान गए और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
भाई का आरोप जबरन कराई जा रही थी सफाई
मृतक के भाई सत्यदेव ने बताया कि उसका भाई कल्याण उर्फ करू पिछले तीन दिनों से इस बोरवेल की सफाई कर रहा था। उसके साथ बलवीर और सैफपुर का ही एक अन्य मजदूर उसके सहयोग के लिये भी था। दो दिनों की सफाई के बाद कल्याण ने बोरवेल की मिट्टी ढहने की संभावना भी जताई थी लेकिन फिर भी जबरन सफाई करवाई गई।
चार बच्चों के परिवार का भरण पोषण करता था कल्याण
मैनपुरी के गांव नगला बिका का रहने वाला कल्याण उर्फ करू के तीन बेटे हैं, इनमें सबसे बड़े बेटे कमलेश की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। दूसरा बेटा सोनू 14 साल और तीसरा बेटा भूरे 11 साल का है। उसकी बेटी निशा अभी सात साल की है। कल्याण मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था।
एसडीएम कुमारचंद्र जवालिया ने बताया कि बोरवेल में मिट्टी ढहने से सफाई कर रहे श्रमिक की मिट्टी में दबकर मौत हो गई है। शव को बोरवेल से निकाल कर पोस्टमार्टम कराया गया। परिजन यदि इस मामले में कोई तहरीर देंगे तो नलकूप स्वामी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। पीड़ित परिवार को मुआवजा भी दिलाया जाएगा।