महिलाओं ने परिवार के आरोग्य, सुख-समृद्धि और अपनी मनोकामना पूरी होने के लिए कांवड़ यात्रा का संकल्प लिया है। आधुनिकता के साथ संस्कृति से जुड़ने की इच्छा लेकर वे कांवड़ मार्ग पर ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के बीच पैदल यात्रा करेंगी।
सावन के पवित्र महीने में महिलाएं भी अपने कंधों पर गंगाजल से भरी कांवड़ और बम-बम भोले के जयकारों के साथ पैदल यात्रा पर निकलेंगी। परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की मनोकामना के साथ जल उठाने का यह संकल्प कांवड़ मार्गों पर आकर्षण और श्रद्धा का केंद्र बनेगा।
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देखने लायक होगा उत्साह
बिचपुरी की रहने वाली निशा उप्रेती कहती हैं कि जब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं तो आस्था के इस कठिन पथ पर भी पीछे क्यों रहें? कांवड़ मार्गों पर बहनों का उत्साह देखने लायक होगा।
महादेव का जलाभिषेक करूंगी
राजपुर चुंगी की रहने वाली रेखा गोस्वामी ने बताया कि कई वर्षों से पुरुषों को कांवड़ लाते देखती थी। इस बार मैंने भी परिवार की सुख-समृद्धि के लिए यह संकल्प लिया है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लाकर राज राजेश्वर मंदिर में महादेव का जलाभिषेक करूंगी।
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संस्कृति से जुड़ना जरूरी
राजीव नगर निवासी पूजा गोस्वामी ने कहा कि आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति से जुड़े रहना जरूरी है। मेरी लंबे समय से इच्छा थी कि पैदल कांवड़ लाकर राजेश्वर मंदिर में भगवान शिव को जल अर्पित करूं। इस बार महादेव की कृपा से यह यात्रा बिना रुकावट पूरी करूंगी।