आगरा के गांव लालऊ में कक्षा दस की छात्रा संजलि को जिंदा जलाने की घटना पर राज्य महिला आयोग सख्त है। गुरुवार को आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने घटना को बेहद दर्दनाक और संवेदनशील बताया। आरोपियों को पकड़कर कड़ी कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधिकारियों को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया।
राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित गुरुवार शाम को पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं। उन्होंने संजलि की बड़ी बहन अंजलि से बात की। उससे घटना की जानकारी ली। दस मिनट तक बात करने के बाद वह मीडिया के सामने आईं।
उन्होंने कहा कि घटना बेहद ही दर्दनाक और हृदय विदारक है। सबसे पहले मैं संजलि को श्रद्धांजलि देती हूं। एक बेटी के इस तरह जाने का जो दुख होता है, उसे महसूस कर रही हूं। सुबह से ही लगातार परिवार के संपर्क में थी। पुलिस प्रशासन से बातचीत जारी है। संजलि की बहन से भी बात की है। उससे घटना की जानकारी ली है। पीड़िता का देहांत हो चुका है।
परिवार को दिलाया आर्थिक मदद का भरोसा
पत्रकारों के सवाल पर कि पुलिस सिर्फ पीड़ित परिजनों से ही सवाल कर रही है। इस पर उन्होंने कहा कि कभी-कभी पूछताछ की भी जरूरत पड़ती है। पुलिस को पूछताछ के लिए कुछ समय देती हूं। तीन दिन के अंदर दोषी पकड़े जाने चाहिए।
दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसी कार्रवाई कि आगे कोई भी ऐसी घटना घटित करने से पहले सोचने पर मजबूर हो कि आगे हश्र क्या होगा। परिवार की आर्थिक मदद की जाएगी।
पुलिस पर उठाए सवाल
राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेटियां सुरक्षित हैं। एंटी रोमियो स्क्वैड काम कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में विद्यालय और महाविद्यालय हैं। यहां एंटी रोमियो स्क्वैड के साथ-साथ पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था रहे, इसके लिए एसएसपी से बात करेंगी।
आयोग के माध्यम से भी आदेश जारी कराए जाएंगे। पेट्रोलिंग की व्यवस्था रहनी चाहिए। बिल्कुल सुनसान इलाके में जब व्यवस्था नहीं होगी, तभी कहीं न कहीं घटना का जन्म हुआ होगा, कहीं न कहीं घटना करने वाले को यह भी मालूम होगा कि इतने से एरिये में यह जो सुनसान इलाका है, वहां हम वारदात को अंजाम दे सकते हैं। क्योंकि वारदात करने वाला भी अपने लिए जगह ढूंढता है, वारदात करने के लिए।