हाईस्कूल की छात्रा संजलि का शव गुरुवार शाम पांच बजे आगरा के गांव लालऊ पहुंचा तो कोहराम मच गया। महिलाएं बिलख बिलखकर रोने लगीं। पुलिस ने पूछा कि दाह संस्कार कब किया जाएगा? तो लोग भड़क गए।
उन्होंने एलान कर दिया कि कातिलों के पकड़े जाने तक दाह संस्कार नहीं होगा। संजलि के परिजनों ने दो मांगे रखीं। उन्होंने कहा कि एक तो परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। दूसरा एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए।
देर रात तक शव घर के बाहर ही रखा था। पुलिस प्रशासन के लाख कहने पर भी दाह संस्कार नहीं किया गया।गांव में जगह जगह पंचायत भी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि इतनी बड़ी घटना का तीन दिन में खुलासा न होना शर्मनाक है।