प्रसव के लिए पहुंची भट्टा मजदूर महिला को अस्पताल से डॉक्टरों ने खून की कमी बताकर लौटा दिया। इसे लेकर महिला ने अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। गेट पर जन्मे बच्चे की जानकारी पाकर सीएमओ, एडीएम महिला अस्पताल पहुंचे।
जहां उन्होंने मामले की जांच करते हुए महिला के पति, आशा से बातचीत की। सीएमओ ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई करने के लिए कहा है। एटा जिला अस्पताल में यह घटना हुई। हमीरपुर राठ के सरसेडा निवासी बाबूराम अपनी पत्नी रामसखी के साथ पिछले छह माह से थाना रिजोर क्षेत्र के गांव तावेपुर स्थित ईट भट्टा पर मजदूरी करता है।
शनिवार सुबह को वह अपने पत्नी को लेकर क्षेत्र की आशा पुष्पा के साथ महिला जिला अस्पताल पहुंचा। महिला अस्पताल पहुंची महिला को तैनात चिकित्सकों ने खून की कमी बता कर भर्ती नहीं किया। उसे अलीगढ़ या आगरा ले जाने को कह दिया।
इसे लेकर मजदूर अपनी पत्नी को रिक्शा में बैठाकर निजी क्लीनिक ले जाने लगा। उसी समय राम सखी ने महिला अस्पताल के गेट पर बच्चे को जन्म दे दिया। सड़क पर महिला को प्रसव होते देख लोगों की मौके पर भीड़ जुट गई। लोगों ने मामले की जानकारी सीएमओ को दी। सूचना पर सीएमओ, एडीएम अस्पताल पहुंच गए।