प्रसूता के साथ आई महिलाओं का आरोप था कि प्रसव के दौरान भी स्टाफ और डॉक्टर ने लापरवाही की है जिसके चलते उर्मिला की मौत हुई है। जिला अस्पताल में करीब एक घंटे तक परिजनों ने महिला की मौत के बाद हंगामा किया। अस्पताल प्रशासन ने शव वाहन से महिला का शव उसके घर भिजवा दिया।
दो घंटे बाद निकाली गई प्लेसेंटा
महिलाओं का कहना था कि उर्मिला के प्रसव के दौरान डॉक्टर और स्टाफ ने लापरवाही की। प्रसव कराने के बाद उर्मिला की प्लेसेंटा (गर्भ नाल) की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। सात अन्य प्रसव कराने के बाद उर्मिला की प्लेसेंटा निकाली गई। जिसके चलते उर्मिला की हालत बिगड़ी। ड्रिप लगाने के बाद उर्मिला को कोई उपचार नहीं दिया गया।
चार बच्चों की आखिर कौन करेगा परवरिश
उर्मिला की मौत के बाद बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। उर्मिला के चार बच्चे हैं। पहला बेटा 10 साल का है। उससे छोटी बेटी सात और उससे छोटा बेटा चार साल का है। इसके बाद बुधवार को पैदा हुई एक दिन की बच्ची है। उर्मिला की मौत के बाद चारो बच्चों की देखभाल पर भी संकट खड़ा हो गया है।
सीएमओ डॉ. पीपी सिंह ने बताया कि महिला की मौत के बारे में जानकारी नहीं है। सीएमएस से पूरे मामले की जानकारी जुटाई जाएगी। जांच कराई जाएगी। यदि अस्पताल में लापरवाही बरती गई है तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।