एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि बांस-बल्ली व्यापारी जितेंद्र बघेल का शव 12 मार्च को फरह (मथुरा) में मिला था। वह 11 मार्च की शाम से लापता थे। 15 मार्च को जितेंद्र के घरवालों ने शिनाख्त की थी। इसके बाद हत्या की रिपोर्ट लिखाई गई थी। मां चंद्रकली ने बेटे की बहू पर ही शक जताया था। इस पर पुलिस ने जितेंद्र की पत्नी नीतू से पूछताछ की तो उसने बताया कि आए दिन शराब पीकर पति पीटता था। इसलिए गला दबाकर हत्या करके ऑटो से शव को फेंक दिया। लेकिन पुलिस के गले पत्नी की कहानी नहीं उतरी।
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ऐसे हुआ खुलासा
साक्ष्य संकलन और कॉल डिटेल निकलवाई तो कागारौल निवासी विष्णु बघेल से घंटों की बातचीत मिली। पुलिस ने बताया कि एंबुलेंस चालक विष्णु बघेल करीब तीन साल से नीतू के संपर्क में था। उसकी विष्णु से मुलाकात बेटे की आंख में चोट लगने पर एंबुलेंस से अस्पताल जाने के दौरान हुई थी। विष्णु ने नीतू के पति से दोस्ती गांठ ली थी। उसका घर और दुकान पर आना जाना बना रहता था।
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होली की पार्टी के बहाने लेकर गए थे
पुलिस ने बताया कि विष्णु अपने दोस्त कागारौल निवासी अनीश मोहम्मद उर्फ छोटू के साथ ऑल्टो कार से 11 मार्च की शाम को जितेंद्र की दुकान पर आया था। उसे अपने साथ होली की पार्टी मनाने की कहकर ले गए थे। रास्ते में पिछली सीट पर बैठे अनीश ने स्वाफी से जितेंद्र का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को फरह में फेंककर लौट आए।
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बच्चों की परवरिश का सवाल, पत्नी को नहीं अफसोस
हत्याकांड में पकड़े जाने के बाद भी नीतू के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। जितेंद्र के परिजन ने बताया कि जब वह उससे मिलने गए तो नीतू ने कहा कि पति रोज पीटता था, तब क्यों नहीं आए थे। अब उसके तीन बच्चों की परवरिश कौन करेगा। बड़ी बेटी 12 साल की है, जबकि दो छोटे बच्चे हैं। उनका बुरा हाल है। पिता की हत्या हो गई और मां भी जेल चली गई।