गांव लालऊ निवासी संजलि दसवीं की छात्रा थी। 18 दिसंबर, 2018 को दोपहर 1:30 बजे नौमील स्थित स्कूल से पढ़कर साइकिल से घर वापस आ रही थी। घर से 500 मीटर पहले हेलमेट लगाए बाइक सवार युवकों उसे रोक लिया। उसके ऊपर पेट्रोल डालकर सिगरेट लाइटर से आग लगा दी थी। आरोपी फरार हो गए थे। संजलि 75 फीसदी झुलस गई थी। जान बचाने के लिए सड़क किनारे चिल्लाती रही। वहां से गुजर रहे अजय नामक युवक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की गाड़ी से संजलि को एसएन अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया था।
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संजलि के ताऊ सौदान सिंह की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज हुआ था। तब पुलिस ने शक के आधार पर संजलि के रिश्तेदार आकाश और विजय को हिरासत में लिया था। 19 दिसंबर की रात दिल्ली में इलाज के दौरान संजलि की मौत हो गई थी। 20 दिसंबर की सुबह योगेश ने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी थी। पुलिस ने योगेश का मोबाइल जब्त किया था। मोबाइल की जांच में हत्या के राज खुले थे। पुलिस ने 20 मार्च, 2019 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। 16 अप्रैल, 2019 को आरोपियों के खिलाफ धारा 326, 302,201, 120बी और 7 सीएलए एक्ट के तहत अदालत ने आरोप तय किए थे।
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