उत्तर प्रदेश के आगरा में पति ऑफिस और घर में अंग्रेजी में बात करता है। शादी हुई तो पत्नी हिंदी में बोलने वाली मिली। पत्नी के अंग्रेजी में बात नहीं करने से पति नाराज रहने लगा। बात अलग होने तक आ गई। परिवार परामर्श केंद्र में मामला पहुंचने पर रविवार को काउंसिलिंग की गई। पति ने पत्नी के साथ रहने से इन्कार कर दिया। मामले में केस दर्ज करने की संस्तुति की गई है।
मामले के अनुसार, गुरुग्राम के एक निजी बैंक का कर्मचारी एक वर्ष पहले आगरा प्रशिक्षण में आया था। तब उसकी मुलाकात कमला नगर की युवती से हुई। दोनों फोन पर बात करने लगे। उन्होंने शादी का फैसला लिया। तीन महीने पहले दोनों की रजामंदी से शादी हो गई।
युवती का आरोप है कि पति ऑफिस से लेकर घर में भी उससे अंग्रेजी में बात करता है। वह कुछ तो अंंग्रेजी बोल लेती थी। मगर, पति के ज्यादा अंग्रेजी में बात करने पर हिंदी में बात करने की कह दी। वो अंग्रेजी में ही बात करने का दबाव बनाने लगा। झगड़े शुरू हो गए। वह 15 दिन ही घर में रह सकी। मायके आ गई।
पति उसे मायके से लेने नहीं आया तो युवती ने परिवार परामर्श केंद्र में शिकायत की। काउंसलर डाॅ. अमित गौड़ ने दूरियां मिटाने की कोशिश की। पति दक्षिण भारतीय है। उसको समझाया कि पत्नी को अंग्रेजी बोलना सिखाए। घर में आम भाषा में ही बात करें। मगर, वो मानने को तैयार नहीं हुआ। पत्नी के साथ रहने से इन्कार कर दिया। उधर, पत्नी ससुराल जाना चाहती है। इस पर फाइल बंद कर मुकदमे के आदेश किए गए।