इस पर पुलिस अफसर और सांसद के बीच तीखी नोकझोंक हाेने लगी तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। इससे कार्यकर्ता भड़क गए और आवास पर ही धरना देकर योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सांसद भी समर्थकों के साथ धरने में शामिल हो गए और प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार, एमएल भारती, धर्मेंद्र यादव, पवन प्रजापति, गौरव यादव, नितिन कोहली, विनय अग्रवाल, कादिर कुरैशी, राहुल चौधरी, लल्ला गुर्जर आदि मौजूद रहे।
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अपराधियों के हौसले बुलंद, मुख्यमंत्री की मिली है शह
धरना स्थल पर मीडिया से रूबरू हाेते हुए सांसद सुमन ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों का हौसला बुलंद है। ये मुख्यमंत्री की शह पर हो रहा है और इनको सरकारी संरक्षण प्राप्त है। कहा कि पुलिस ने उन्हें अलीगढ़ में पीड़ित दलित युवकों से मिलने नहीं जाने दिया, इस पर पीड़ितों को यहां बुलवाकर मिलवाने की बात पर भी मना कर दिया। ऐसा करने से सरकार पीडीए के अधिकारों की आवाज उठाने से हमें नहीं रोक सकती है।
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तुम आधे नेता हो, हमला करने वालों का करो इंतजाम
अलीगढ़ जाने से रोकने पर सांसद सुमन ने पुलिस अफसर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आप आधे नेता और पुलिस हो। आपका भविष्य उज्जवल है। साथ ही उन पर भड़कते हुए कहा कि आप हमें रोक रहे हो, हमारी सुरक्षा का इंतजाम कर रहे हो तो हमलावरों का इंतजाम क्यों नहीं कर सकते। इस पर पुलिस अफसर ने कहा कि उन पर भी कार्रवाई हुई है।