कासगंज। शासन से जिला के लिए 53 हजार मीट्रिक टन गेहूं का लक्ष्य शासन से निर्धारित किया गया है, लेकिन विभाग के लिए यह लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होगा। एक तो बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य लगभग समान चल रहा है। वहीं, इस बार पांच हजार हेक्टेयर रकवा का भी फसल का कम हुआ है।
जिला में गेहूं की फसल लगभग 96 हजार हेक्टेयर है, लेकिन सरसों के भाव अधिक होने से इस बार छह हजार हेक्टेयर रकवा कम रह गया। जिला में खरीद केंद्रों पर गेहूं लगाना बाजार की कीमतों पर निर्भर रहता है। बाजार भाव व समर्थन मूल्य में अधिक अंतर न होने से किसान बाजार में अपनी फसल को बेचने में अधिक प्राथमिकता देता है। इसके पीछे कारण किसान को बाजार से नकद भुगतान मिलना रहता है। वर्ष 2021 में जिला में रिकार्ड गेहूं की खरीद हुई थी। इस वर्ष 50073.147 मीट्रिकटन गेहूं की खरीद की गई। इस वर्ष समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि बाजार में 1600 रुपये क्विंटल तक का भाव चल रहा था, लेकिन इस बार गेहूं खरीद के मौके पर परिस्थितियां बदली हुई है। गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये है, जबकि बाजार का मूल्य लगभग 2000 के आसपास चल रहा है। वहीं, इस बार पिछली साल से रकवा भी घटा है। जबकि सरकार ने पिछली साल हुई खरीद से लगभग 3 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य इस बार बढ़ा दिया है।
गेहूं खरीद को तीनों एसडीएम बनाए नोडल अधिकारी
कासगंज। डीएम हर्षिता माथुर ने जिले की तीनों तहसील के उपजिलाधिकारियों को गेहूं की खरीद के लिए नोडल अधिकारी बनाया है। तीनों नोडल अधिकारी अपने तहसील क्षेत्र में गेहूं खरीद के लिए कृषक पंजीयन, सत्यापन, खरीद, भंडारण आदि पर नजर रखेंगे। इस कार्य में संबंधित तहसील व परगना के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पांच दिन बाद भी नहीं हुई बोहनी
कासगंज। गेहूं की खरीद को शुरू हुए पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक जिले में बनाए गए 52 केंद्रों में से किसी भी केंद्र पर बोहनी तक नहीं हुई है। ऐसे में विभाग की चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
जिला में गेहूं की खरीद एक नजर में
एजेंसी बार केंद्र व लक्ष्य
एजेंसी का नाम केंद्र का नाम लक्ष्य( एमटी में)
खाद्य विभाग 5 6200
पीसीएफ 45 45500
भरतीय खाद्य निगम 1 1300
वर्ष खरीद मीट्रिकटन में लाभान्वित किसान
2017 30904.426 7360
2018 38379.79 8638
2019 31432.672 7023
2020 41980.643 8925
2021 50073.174 11728
गेहूं की खरीद के लिए शासन से लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। लक्ष्य की पूर्ति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अभी जिले में गेहूं की कटाई चल रही है, जिससे अभी तक फसल की आवक नहीं हो पा रही। - विजय कुमार शुक्ला, डीआरएमओ