तेज हवा के साथ हुई बारिश, खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल...
- फोटो : संवाद
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में शुक्रवार की रात से शुरू बूंदाबांदी के बाद शनिवार की सुबह मौसम और खराब हो गया। सुबह साढ़े 10 बजे के करीब तेज हवा के साथ जिले भर में तेज बारिश हुई। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है। किसानों को अब उपज प्रभावित होने की आशंका सता रही है। वहीं आगे भी मौसम साफ होने की आसार अभी नहीं हैं।
दो और तीन मार्च को बारिश की आशंका मौसम विभाग ने जताई थी। लेकिन, मैनपुरी में इससे पहले ही मौसम बिगड़ गया। एक मार्च की शाम से ही बादल छाए रहने के साथ देर रात बूंदाबांदी भी होती रही। बूंदाबांदी के चलते किसान परेशान थे, लेकिन उनकी परेशानी शनिवार को और बढ़ गई। शनिवार को सुबह साढ़े 10 बजे के करीब तेज हवा के साथ जिले भर में तेज बारिश हुई। लगभग 12 मिमी बारिश इस दौरान रिकॉर्ड की गई।
वहीं खेतों में खड़ी गेहूं की फसल हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में ही गिर गई। जिले में डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में किसान गेहूं की खेती करते हैं। ऐसे में सर्वाधिक संख्या में किसान इससे प्रभावित हुए हैं। इतना ही नहीं अब गेहूं की फसल गिरने से उपज प्रभावित होने की भी आशंका सता रही है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास रंजन चौधरी ने बताया कि गेहूं गिरने से दाना पतला रहने के साथ ही बदरंग भी हो जाता है। ऐसे में उन्होंने भी किसानों का नुकसान होने की आशंका जताई है।
दलहन और तिलहन को भी नुकसान
- फोटो : संवाद
आलू की खुदाई और सरसों की थ्रेशिंग भी रुकी
बारिश के चलते आलू की खुदाई का काम भी रुक गया है। जिले लगभग 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू पककर तैयार है। इसकी खुदाई का काम तेजी से चल रहा है। बारिश होने से एक तरफ जहां खुदाई का काम रुक गया है तो वहीं बाद में भी आलू की चमक फीकी रहेगी। इसके साथ ही सरसों की थ्रेशिंग भी रुक गई है।
आज भी हो सकती है बारिश
किसानों की चिंता आगे भी कम होने की उम्मीद नहीं नजर आ रही है। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में भी बारिश होने की आशंका बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिक नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि 3 मार्च को भी बारिश हो सकती है। अगर बारिश होती है तो किसानों के लिए ये संकट और भी बड़ा हो जाएगा।
किसानों की बात
गेहूं की फसल पूरी तरह खेतों में बिछ गई है। ऐसे में इस बार उत्पादन 20 प्रतिशत तक कम होना तय है। वहीं आगे भी अगर बारिश होती रही तो गेहूं का दाना भी काला पड़ जाएगा। इससे सरकारी केंद्रों पर विक्रय भी नहीं किया जा सकेगा। -सतीश चंद्र, मंछना।
आलू की खुदाई करने में किसान जुटे हुए थे। लेकिन बीच में ही बारिश होने से परेशानी बढ़ गई है। अब आलू की खुदाई रुक जाएगी। वहीं बाद में भी मिट्टी गीली होने के चलते आलू में चमक नहीं रहेगी। इससे कीमतें भी गिरेंगी। -बेंचेलाल, जागीर