दरोगा, एचसीपी और इंस्पेक्टर के बाद अब जनपद के सिपाहियों को भी वीकली आफ मिलने जा रहा है। सभी सर्किल स्तर पर इसका प्लान तैयार कर लिया गया है। एक दो-दिन में इसे फाइनल कर लिया जाएगा। इसे पहले थानों पर फिर पुलिस लाइन में लागू किया जाएगा। दस दिन के भीतर ही इसे लागू कर किया जाना है।
दरोगाओं के वीकली आफ का प्लान सीओ हरीपर्वत डा. अनुराग वत्स ने तैयार किया था। इसके नतीजे शानदार रहे। पुलिस में सकारात्मक संदेश गया। पुलिसकर्मियों का चिड़चिड़ापन कम हुआ। इसके बाद एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने हेड कांस्टेबल और इंस्पेक्टर का भी साप्ताहिक अवकाश मंजूर कर दिया। इसे ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया था।
देखा गया कि सप्ताह में एक दिन की छुट्टी से पुलिस पर क्या असर पड़ता है? इसका रिजल्ट आने के बाद एसएसपी ने सभी एडिशनल एसपी और सीओ को प्लान तैयार करने के लिए कहा। इस पर काम पूरा हो गया है। सभी 43 थानों पर रोटेशन चार्ट तैयार किए जा रहे हैं।
प्रदेश में आगरा बना नजीर
सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक के साप्ताहिक अवकाश शुरू हो जाने के बाद आगरा पूरे प्रदेश में नजीर बनने जा रहा है। यह व्यवस्था सूबे के किसी और जनपद में नहीं है। इस तरह के प्लान कई जिलों में बन चुके हैं लेकिन अमल में नहीं आ पाए। कई जगह दरोगाओं के वीकली आफ शुरू हुए लेकिन थोड़े दिन में ही बंद किए गए।
चुनौतियां भी कम नहीं
सिपाहियों को साप्ताहिक अवकाश देने के बाद सबसे बड़ी चुनौती होगी वीआईपी ड्यूटी की। ताज के शहर में वीआईपी नहीं, वीवीआईपी का आगमन भी ज्यादा रहता है। इनकी सुरक्षा के इंतजाम में बाहर से फोर्स मंगानी पड़ती है। सिपाहियों के वीकली आफ शुरू हो जाने के बाद वीवीआईपी के कार्यक्रम के समय अधिकारियों की परीक्षा होगी।