ताजमहल: ताज के पार्श्व में बहती यमुना
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शुक्रवार को ताजनगरी से मानसून विदा हो गया। इस साल मानसून आगरा से 13 दिन की देरी से विदा हुआ है। न केवल आगरा, बल्कि ब्रज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से मानसून की विदाई हो गई। हालांकि इस बार मानसून की बारिश ने आगरा और मथुरा को कम भिगोया। सामान्य से 210 मिमी बारिश आगरा में कम हुई है।
आगरा में मानसून की दस्तक के लिए 26 जून का दिन तय है, जबकि विदाई 25 सितंबर तक होती है, लेकिन इस बार मानसून ने आगरा को तय समय से चार दिन पहले 22 जून को भिगोया और विदाई 13 दिन के बाद आठ अक्तूबर को हुई है। इससे पहले साल 2013 में 18 अक्तूबर को आगरा से मानसून की विदाई हो पाई थी।
बीते साल सितंबर में हुई थी वापसी
बीते साल मानसून की वापसी सितंबर में हो गई थी, लेकिन आगरा में मानसून की बारिश अगस्त में ही बंद हो गई थी। सितंबर एकदम सूखा रहा था, जिस वजह से नवंबर तक तापमान सामान्य से ज्यादा बना रहा था। इस साल मानसून के दौरान आगरा में 430 मिमी बारिश रिकॉर्र्ड की गई है, जबकि मानसून के दौरान 650 मिमी बारिश यहां होती है।
इसमें सबसे ज्यादा बारिश अगस्त में 250 मिमी और जुलाई में 220 मिमी का औसत है। मौसम विज्ञानी एके मिश्रा ने बताया कि पांच अक्तूबर के बाद मानसून की विदाई के संकेत मिलने लगे थे। अब तेजी से यह उत्तर प्रदेश से विदा हो जाएगा। रविवार तक पूरे प्रदेश से मानसून चला जाएगा।