रविवार को सूर्य देव का प्रकोप पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा आगरा को झेलना पड़ा। आगरा प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रहा। तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। यह मई में गर्मी के रिकॉर्ड के बेहद नजदीक है। मई में अब तक सबसे ज्यादा तापमान 26 मई, 1998 को 48.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा चुका है। मौसम विभाग ने 27 मई तक गर्मी का सितम और झेलने के आसार जताए हैं।
राजस्थान की ओर से आ रहे लू के थपेड़ों के चलते रविवार को आगरा में अंगारे बरसे। इस साल का सबसे गर्म दिन रविवार हो गया, जहां सबसे ज्यादा 47.3 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। यह सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा है। रविवार सुबह से ही गर्मी का सितम शुरू हो गया। शाम तक दिन दहकता रहा तो रात सुलगती रही। न्यूनतम तापमान भी 6 डिग्री बढ़कर 29.5 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक 27 मई तक गर्मी का सितम ऐसे ही बरकरार रहेगा। लेकिन उसके बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आगरा समेत कुछ जिलों पर बादलों की लुकाछिपी और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं। तब तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की गिरावट के आसार हैं।