वायरल बुखार से अभी मरीजों को राहत नहीं। एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में बुखार के 1013 मरीज ओपीडी में आए हैं। इनमें जिला अस्पताल में 656, एसएन के मेडिसिन में 203 और बाल रोग में 154 मरीज रहे। इनमें शामिल बच्चों को तेज बुखार, पेट में दर्द के साथ उल्टियां भी हो रही हैं।
एसएन के बाल रोग विभाग की डॉ. मधु नायक ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में आए 175 मरीजों में से 154 बुखार-खांसी के मिले। इनमें शामिल बच्चे तेज बुखार, पेट में दर्द और उल्टियां भी कर रहे थे। दो-तीन दिन बुखार न टूटने के बाद बच्चों को यहां लेकर आए हैं। इनमें से सात बच्चों को भर्ती कराया है। 33 बच्चों के डेंगू-मलेरिया की जांच को कहा है। मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि 399 मरीजों में से 203 मरीजों को बुखार-खांसी, सीने में जकड़न, सिर में दर्द और बेचैनी की परेशानी बताई। रक्तचाप भी कम मिला। दवा देते हुए 26 मरीजों को डेंगू-मलेरिया की जांच कराई है। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को 3200 से अधिक मरीज आए, बुखार के सबसे ज्यादा 656 मरीज आए। इनमें बच्चों की संख्या लगभग आधी है।
मच्छरों के काटने से खुजली, चकत्ते भी हुए
त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि ओपीडी में 357 मरीज आए। इनमें करीब 220 मरीजों को खुजली, फुंसी, लाल चकत्ते, त्वचा की एलर्जी की परेशानी मिली। मच्छर-कीट-पतंगों के काटने से यह परेशानी हुई। अधिकांश मरीजों के हाथ, पैर और गले-मुंह पर खुजली ज्यादा मिली। पूछताछ में अधिकांश ने खुले में सोने और मच्छरों के काटने की बात बताई।