फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: बुखार के साथ डायरिया की मार, पेट दर्द-उल्टी के मरीज बढ़े, बच्चों की सेहत का रखें विशेष ख्याल

Tue, 12 Oct 2021 02:08 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि 399 मरीजों में से 203 मरीजों को बुखार-खांसी, सीने में जकड़न, सिर में दर्द और बेचैनी की परेशानी बताई। रक्तचाप भी कम मिला। दवा देते हुए 26 मरीजों को डेंगू-मलेरिया की जांच कराई है। 
विज्ञापन
आगरा: बच्चे का चेकअप करते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वायरल बुखार से अभी मरीजों को राहत नहीं। एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में बुखार के 1013 मरीज ओपीडी में आए हैं। इनमें जिला अस्पताल में 656, एसएन के मेडिसिन में 203 और बाल रोग में 154 मरीज रहे। इनमें शामिल बच्चों को तेज बुखार, पेट में दर्द के साथ उल्टियां भी हो रही हैं। 

विज्ञापन

एसएन के बाल रोग विभाग की डॉ. मधु नायक ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में आए 175 मरीजों में से 154 बुखार-खांसी के मिले। इनमें शामिल बच्चे तेज बुखार, पेट में दर्द और उल्टियां भी कर रहे थे। दो-तीन दिन बुखार न टूटने के बाद बच्चों को यहां लेकर आए हैं। इनमें से सात बच्चों को भर्ती कराया है। 33 बच्चों के डेंगू-मलेरिया की जांच को कहा है। मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि 399 मरीजों में से 203 मरीजों को बुखार-खांसी, सीने में जकड़न, सिर में दर्द और बेचैनी की परेशानी बताई। रक्तचाप भी कम मिला। दवा देते हुए 26 मरीजों को डेंगू-मलेरिया की जांच कराई है। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को 3200 से अधिक मरीज आए, बुखार के सबसे ज्यादा 656 मरीज आए। इनमें बच्चों की संख्या लगभग आधी है।  

मच्छरों के काटने से खुजली, चकत्ते भी हुए
त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि ओपीडी में 357 मरीज आए। इनमें करीब 220 मरीजों को खुजली, फुंसी, लाल चकत्ते, त्वचा की एलर्जी की परेशानी मिली। मच्छर-कीट-पतंगों के काटने से यह परेशानी हुई। अधिकांश मरीजों के हाथ, पैर और गले-मुंह पर खुजली ज्यादा मिली। पूछताछ में अधिकांश ने खुले में सोने और मच्छरों के काटने की बात बताई।

विज्ञापन
विज्ञापन

लेडी लॉयल में सुधरी हालत, जिला अस्पताल में मारामारी
लेडी लॉयल में पर्चा काउंटर और बढ़ाने से व्यवस्था में सुधार दिखा। यहां काउंटर अलग-अलग करने से मरीज बंट गए और धक्का-मुक्की नहीं हुई। डॉक्टरों को दिखाने के लिए जरूर घंटे भर तक इंतजार करना पड़ा, ऐसे में मरीज जमीन पर बैठ गए। जिला अस्पताल में सुबह 10 से 12 बजे तक सबसे ज्यादा मारामारी रही। जल्दी पर्चा बनवाने के लिए धक्का-मुक्की भी हुई। इससे मरीजों को परेशानी हुई। प्रमुख अधीक्षक डॉ. एके अग्रवाल ने बताया कि सुबह दो-ढाई घंटे मरीजों की संख्या अधिक जुटने से यह परेशानी खड़ी हो जाती है। वैसे स्टाफ और सरकारी कर्मचारियों के लिए अलग से काउंटर बनाया है, इसकी जानकारी के लिए बोर्ड भी लगाया है। इससे सामान्य काउंटर पर भीड़ कम होने लगेगी।
ये भी पढ़ें...
डेंगू-बुखार का कहर: फिरोजाबाद में पांच बच्चों सहित ब्रज में 21 की मौत, कासगंज में भी हालात खराब
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें