आगरा के नगला मेवाती में सबमर्सिबल पंप के जरिए 608 कांशीराम आवासों में पानी की व्यवस्था हो रही थी, लेकिन अवैध रूप से कटिया डालकर सबमर्सिबल पंप चलाने पर टोरंट पावर ने कांशीराम आवास के 12 अवैध कनेक्शन काट दिए। ऐसे में लोगों के सामने पानी का संकट आ गया। पानी न होने से महिलाओं ने फतेहाबाद रोड पर जाम लगा दिया और नारेबाजी की। पुलिस ने टोरंट पावर से दोबारा कनेक्शन कराने का आश्वासन देकर आधा घंटे बाद जाम खुलवाया।
नगला मेवाती में जलकल विभाग की पानी की पाइपलाइन नहीं है। यहां कांशीराम आवास में परिवारों को सबमर्सिबल पंप लगाकर जलापूर्ति की जा रही है। शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे जाम लगा रहीं क्षेत्र की महिलाओं शकुंतला देवी, सावित्री देवी, मीरा ने कहना था कि 608 परिवारों के लिए पानी की कोई लाइन नहीं बिछाई गई। आवास विकास परिषद ने इन भवनों का निर्माण कराया था, लेकिन लोगों की सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा। पानी के लिए सबमर्सिबल पंप उन्होंने लगवाए, पर टोरंट पावर ने उनके कनेक्शन काट दिए तो अब पानी कहां से लाएं।
वीवीआईपी रोड पर जाम की खबर पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया। पुलिस की मौजूदगी में टोरंट की टीम से लोगों की बातचीत हुई, जिसमें तय हुआ कि कांशीराम आवास में सबमर्सिबल पंप के लिए टोरंट पावर से वैध कनेक्शन लिया जाएगा। तब तक जलापूर्ति के लिए बिजली व्यवस्था बनी रहेगी।
कटिया डालकर चला रहे थे पंप
टोरंट पावर के उपाध्यक्ष शैलेश देसाई ने बताया कि 'अवैध रूप से कटिया डालकर सबमर्सिबल पंप चलाई जा रही थी। कटिया रिमूवल टीम ने इसे हटा दिया है। कुछ लोग आए थे, जिन्हें समझा दिया वैध कनेक्शन से सबमर्सिबल चलाएं। वह मान गए और कनेक्शन करा लेंगे।'
जेब पर पड़ा बोझ, तीन दिन में 1500 रुपये खर्च
पालड़ा फॉल से गंगाजल की आपूर्ति बहाल होने पर भी शुक्रवार को शहर के कई हिस्सों में पानी नहीं पहुंचा। शुक्रवार की सुबह ट्रांसयमुना कॉलोनी के पास बालाजी नगर, श्रीनगर, महावीर नगर और ट्रांसयमुना कॉलोनी के कुछ हिस्सों में पानी नहीं आया। क्षेत्र के लोगों ने चार दिनों से चल रहे संकट में पानी का टैंकर मंगवाया, जिससे जेब पर बोझ बढ़ा। महावीर नगर के योगेश लवानियां ने बताया कि 3 दिन में 1500 रुपये पानी के लिए खर्च करने पड़े हैं। जलकल विभाग न पानी के टैंकर पहुंचा रहा है, न सप्लाई दे रहा है।
इंदिरापुरम में बोरिंग फेल, नहीं आया पानी
दो महीने पहले शमसाबाद रोड स्थित इंदिरापुरम में ट्यूबवेल फेल हो जाने के बाद जलकल विभाग ने बोरिंग का काम शुरू कराया, लेकिन दो माह में भी पानी नहीं मिल पाया। छोटी मशीन से तय गहराई तक बोरिंग न होने से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई। शुक्रवार को मैनुअल सफाई का काम करने का प्रयास किया गया, लेकिन इसमें भी दिक्कतें आई। क्षेत्रीय निवासी सुनील अरोरा का कहना था कि जलकल विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत के कारण गहरी बोरिंग ही नहीं की गई तो पानी कैसे आएगा।