गंजडुंडवारा के कादरगंज में गंगा किनारे सिचाई विभाग ने कराए कटान रोधी कार्य ।
कासगंज। पहाड़ों पर पिछले दिनों हुई बारिश के कारण हरिद्वार के भीमगोंड़ा बैराज से मंगलवार को 46 हजार क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज की ओर छोड़ा गया। बुधवार को हरिद्वार से तीन हजार क्यूसेक पानी कम छोड़ा गया। हरिद्वार से छोड़े गए पानी से नरौरा बैराज पर पानी का दबाव कुछ बढ़ने पर 17 हजार क्यूसेक पानी कछला की ओर छोड़ा गया। इससे गंगा की सूखी पड़ी तलहटी में अब पानी आने लगा है।दरअसल, जून माह में मानसून सक्रिय होने के बाद गंगा में इसी तरह से पानी आना शुरू हो जाता है। जुलाई माह में सूखी तलहटी भरने के बाद जलस्तर लबालब नजर आने लगता है। फिलहाल गंगा में बाढ़ की जैसी कोई स्थिति नहीं है। भीमगोंड़ा बैराज से पहला डिस्चार्ज मंगलवार को आने के साथ ही सिंचाई विभाग का बाढ़ कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया है। कंट्रोल रूम हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बैराज से होने वाले पानी के डिस्चार्ज की जानकारी प्रतिदिन अपडेट करेगा। जिससे जिले के लोगों को गंगा में मानसून के समय बढ़ने वाले जलस्तर का अपडेट समय से मिलता रहे। इसी के साथ ही सिंचाई विभाग के अभियंता बाढ़रोधी व कटानरोधी कार्यों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जिले में कादरगंज, सहवाजपुर, बरीबगवास पर कटान व बाढ़ रोधी परियोजनाएं बाढ़ और कटान के प्रभाव को रोकने के लिए तैयार की गई थी। यह सभी परियोजनाएं पूरी हो गई हैं। सिंचाई विभाग की टीमें निरंतर निगरानी कर रही हैं। अधिशासी अभियंता शेर सिंह ने बताया कि मानसून की सक्रियता के साथ ही अब बैराजों से डिस्चार्ज शुरू हो गया है। आगामी समय में आने वाली बाढ़ की संभावना को देखते हुए कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। अभी गंगा की तलहटी सुखी हुई है। पानी बहुत कम है। धीमे धीमे पानी बढ़ेगा। वहीं जिन स्थानों पर बाढ़ व कटानरोधी परियोजनाएं चलाई गई हैं वहां सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
सीसीटीवी कैमरे लगाए गए:
कादरगंज पर कटानरोधी कार्य सिंचाई विभाग के द्वारा कराए गए हैं। यह इलाका कटान व बाढ़ के लिए काफी संवेदनशील है। सिंचाई विभाग ने निरंतर कार्य की निगरानी के लिए कादरगंज, सुन्नगढ़ी और बरीबगवास पर सौरऊर्जा से संचालित सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इस कैमरे से सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध की स्थिति पर नजर रख सकेंगे।