कीठम स्थित भालू संरक्षण गृह और चुरमुरा स्थित हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र में इन दिनों अलग सा नजारा नजर आता है। यहां इंसानों की तरह ही जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए कूलर लगाए गए हैं। आइस पॉप्सिकल्स और रसीले फल और सब्जियों की मात्रा भोजन में बढ़ा दी गई है, जिससे उन्हें डिहाइड्रेशन न होने पाए। वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा हमारी देखरेख में रह रहे हर भालू और हाथी के पास वह सब कुछ हो जो उन्हें स्वस्थ, हाइड्रेट और खुश रहने के लिए चाहिए।
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भालुओं को गर्मी से बचाने के लिए बाड़ों में कूलर और ओवरहेड स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, जबकि पानी के पूल गर्मी के दिनों में बहुत जरूरी राहत प्रदान करते हैं। पशु चिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक डॉ. इलियाराजा बताते हैं कि गर्मी से तनाव के लक्षण दिखाने वाले भालुओं और हाथियों को ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) भी दिया जा रहा है।
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वहीं मथुरा में हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र और हाथी अस्पताल परिसर में, हाथियों की दिनचर्या में बदलाव किया गया है। वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव गीता शेषमणि बताती है कि सुबह जल्दी और देर शाम हाथियों को सैर के लिए ले जाया जाता है। यहां स्प्रिंकलर के साथ पूल में गर्मी से निजात के लिए हाथी घंटों आराम फरमा रहे हैं। दिन में कई बार साफ पीने का पानी बदला जाता है। यहां छायादार संरचनाएं और मिट्टी के गड्ढे शरीर के तापमान को स्वाभाविक रूप से नियंत्रित करने में इनकी मदद करते हैं।