आगरा के यमुनापार वार्ड 66 के घाट बजरिया में गलियों में नाले का गंदा पानी भर जोन के कारण लोग कई दिनों से परेशान हैं। शुक्रवार सुबह उनका धैर्य जवाब दे गया। महिलाओं ने कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए यमुना ब्रिज रोड पर जाम लगा दिया।
बच्चों के साथ जाम लगा रहीं महिलाओं के उग्र प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे स्थानीय पार्षद को महिलाओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा। महिलाओं ने पार्षद व नगर निगम के अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई। थाना एत्माउद्दौला पुलिस ने महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया।
नाले पर अवैध निर्माण, सफाई हो गई मुश्किल
घाट बजरिया, यमुना ब्रिज की गलियों में नाले का गंदा पानी भरने की मुख्य वजह पुलिया टूट जाने से नाले में भरा मलबा है, जिससे पीछे की बस्तियों में पानी भर गया है। इसके अलावा नाले के ऊपर अवैध निर्माण कर लिए गए हैं, जिससे नाले की सालों से सफाई नहीं हो पाई है। इससे नाले में कई फुट तक सिल्ट जमा है।
प्रदर्शन, जाम के बाद पंप से निकाला पानी
महिलाओं के प्रदर्शन और जाम के बाद नगर निगम के अधिकारियों को पुलिस ने सूचना दी, जिसके बाद क्षेत्र के सेनेटरी इंस्पेक्टर कर्मचारियों को लेकर पहुंचे और नाले से हो रहे जलभराव से निपटने के लिए प्रयास शुरू किए। यहां पंप लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया गया।
पुलिया का निर्माण जरूरी
पार्षद लाला अब्बास ने कहा कि भूमिगत नाले की पुलिया ढह गयी है, इसलिए जब तक पुलिया निर्माण नहीं तोता, तब तक जलभराव बना रहेगा। अधिकारी टेंडर की जानकारी दे रहे हैं, पर निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ।
घरों में घुसा गंदा पानी
यमुना ब्रिज निवासी चंदा ने कहा कि नाले का गंदा पानी घरों में घुस गया है। दो दिनों से खाना नही बना पा रहे। बदबू से परेशान हैं। गंदे पानी से बीमारी फैल रही है। दो दिन में राहत न मिली तो फिर से जाम लगाएंगे।
नहीं सुन रहे अधिकारी
घाट बजरिया निवासी शीतल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बीच बच्चों को लेकर हमें जाम लगाना पड़ा। कोई नहीं चाहता, पर जब अधिकारी हमारी तकलीफ सुने ही नहीं तो क्या किया जाए। कोई तो हमारी पीड़ा को समझे। मेयर भी इस तरफ नहीं आते।
अतिक्रमण हटवाकर सफाई कराएं
घाट बजरिया शकुंतला देवी ने कहा कि नाले की गंदगी सड़क पर आ गई, जो हमारे घरों में घुस गई है। न सो पा रहे हैं और न ही खाना बना पा रहे। नाले पर अतिक्रमण हैं, जिसे तोड़कर सफाई कराएं, तभी सफाई हो पाएगी।