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उफान पर यमुना: कछार के खेत खाली भी नहीं हुए...फिर बढ़ने लगा पानी, बाढ़ की आहट से दहशत में 38 गांवों के ग्रामीण

Thu, 27 Jul 2023 02:30 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

उफान पर यमुना: आगरा में कछार के खेत अभी खाली भी नहीं हुए थे कि जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। बाढ़ की आहट से 38 गांवों के ग्रामीण दहशत में हैं। 

 
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Flood In Agra: बटेश्वर के मंदिरों की शृंखला में भरा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। पानी में डूबे बाह क्षेत्र के 38 गांवों के कछार के खेत अभी खाली भी नहीं हुए कि फिर से बाढ़ का कतरा मंडराने लगा है। नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। बाढ़ की आहट से तटवर्तीय गांवों के लोग दहशत में हैं। इससे पहले यमुना नदी की बाढ़ में कछार की फसलें डूबकर बर्बाद हो गईं थीं। 

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बाह क्षेत्र में रामपुर चंद्रसैनी, बटेश्वर, विक्रमपुर, कचौराघाट, पारना सहित कई अन्य बाढ़ चौकियां बनाई गईं हैं। क्षेत्र के गांवों में किसान कछार की डूबी फसलों की तबाही का दर्द झेल रहे हैं। बारिश रुकता देख किसान नई फसल की बुवाई की सोच रहे थे, लेकिन खेत खाली होने से पहले ही नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। 

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तराई के गगनकी, मधुआपुरा, कांकर, रामपुर चंद्रसैनी, कलियानपुर, भरतार, विक्रमपुर घाट, चरीथा, गुढि़याना, कचौराघाट आदि गांवों में लोगों में बाढ़ की आसंका से दहशत फैल गई है। इन गांवों में गली और घरों तक यमुना की बाढ़ का पानी पहुंच गया था। हालांकि अभी हथिनी कुंड बांध से छोड़ा गया पानी नहीं पहुंचा है। जलस्तर गोकुल बैराज के डिस्चार्ज से बढ़ रहा है। 

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बटेश्वर की शिव मंदिर श्रंखला पर यमुना की लहरें डरावनी होने से प्रबंधक अजय सिंह भदौरिया और पुजारियों ने श्रद्धालुओं को घाटों पर नदी में उतरकर नहाने से बचने का आह्वान किया है। बता दें कि बटेश्वर और कचौराघाट के शिव मंदिरों में यमुना की बाढ़ का पानी घुस गया था। एसडीएम कृष्णनंद तिवारी ने तटवर्तीय ग्रामीणों को नदी किनारे न जाने और किनारे के बीहड़ में पशु न चराने की अपील की है।
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