तराई के गगनकी, मधुआपुरा, कांकर, रामपुर चंद्रसैनी, कलियानपुर, भरतार, विक्रमपुर घाट, चरीथा, गुढि़याना, कचौराघाट आदि गांवों में लोगों में बाढ़ की आसंका से दहशत फैल गई है। इन गांवों में गली और घरों तक यमुना की बाढ़ का पानी पहुंच गया था। हालांकि अभी हथिनी कुंड बांध से छोड़ा गया पानी नहीं पहुंचा है। जलस्तर गोकुल बैराज के डिस्चार्ज से बढ़ रहा है।
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बटेश्वर की शिव मंदिर श्रंखला पर यमुना की लहरें डरावनी होने से प्रबंधक अजय सिंह भदौरिया और पुजारियों ने श्रद्धालुओं को घाटों पर नदी में उतरकर नहाने से बचने का आह्वान किया है। बता दें कि बटेश्वर और कचौराघाट के शिव मंदिरों में यमुना की बाढ़ का पानी घुस गया था। एसडीएम कृष्णनंद तिवारी ने तटवर्तीय ग्रामीणों को नदी किनारे न जाने और किनारे के बीहड़ में पशु न चराने की अपील की है।