कासगंज। फैशन के इस दौर में आज भी ऊनी धागों में रिश्तों की गर्माहट पिरोने के लिए महिलाओं में उत्सुकता नजर आ रही है। बाजार सजते ही महिलाएं ऊन खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंचने लगी हैं। रंग बिरंगी ऊन महिलाओं के मन को लुभा रही हैं। शहर में सीजन में 10 क्विंटल तक ऊन बिक्री का अनुमान है।
मौसम अब बदल चुका है, गुलाबी ठंड दस्तक दे चुकी है। सुबह शाम पड़ने वाली ठंड के चलते गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है। छोटे बच्चे अभी से गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं। वैसे तो फैशन के इस दौर में रेडीमेड स्वेटर, जाकेट, टोपा आदि का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। युवा पीढ़ी नई फैशन के गर्म कपड़े पहनना पसंद करती है। इन सबके बावजूद आज भी महिलाओं में अपने लाड़लों को अपने हाथ से तैयार स्वेटर आदि पहनाने का क्रेज बरकरार है। हालांकि यह स्वेटर, टोपा आदि छोटे बच्चों को पहनाने तक ही सीमित हैं। मौसम के बदलते रुख को देखते हुए ऊन बेचने वाले कारोबारी सक्रिय हो गए हैं। विभिन्न रंगाें में उपलब्ध इन ऊन की कीमत 200 से 500 रुपये प्रति किलो तक है।
कासगंज। घर के मंदिरों में विराजित देव प्रतिमाओं को आकर्षक पोशाक से सजाने का लोगों में काफी क्रेज रहता है। मौसम के हिसाब से ये पोशाकें देव प्रतिमाओं को पहनाई जाती हैं। अब जबकि ठंड का मौसम आ गया है तो देव प्रतिमाओं को गर्म कपड़े पहनाने के लिए तैयारी शुरू हो गई है।