ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इंतजार खत्म हो गया है, यह दावा शासन की तरफ से किया गया है। शासन ने प्रदेशभर के संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) कार्यालयों में लंबित ड्राइविंग लाइसेंस की सूची जारी की है। आगरा में मात्र एक लाइसेंस लंबित दिखाया गया है। पहले यह संख्या 3500 तक होती थी।
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वर्ष 2021 में चिप की कमी के कारण लंबित लाइसेंस की संख्या 3500 तक पहुंच गई थी। उस समय लोगों को तीन से चार माह में लाइसेंस प्राप्त हो रहे थे। अब शासन से जारी सूची के हिसाब से मात्र एक लाइसेंस ही लंबित है। एक जनवरी से 10 जून तक आगरा आरटीओ कार्यालय में 15,631 ड्राइविंग लाइसेंस बने हैं। एक लाइसेंस को छोड़ सभी आवेदकों को भेजे जा चुके हैं।
लाइसेंस प्रक्रिया को ऑनलाइन करने से ऐसा संभव हो सका है। यह बात अलग है कि अब भी लोगों को लाइसेंस के लिए कम से कम 15 दिन का इंतजार करना पड़ता है। ऑनलाइन आवेदन के बाद बॉयोमैट्रिक कराना पड़ता और टेस्ट भी देना पड़ता है। इसके बाद लखनऊ से स्मार्ट कार्ड बनकर आवेदक के पते पर डाक के माध्यम से पहुंचता है। कई बार पता न मिलने पर भी काफी संख्या में लाइसेंस आवेदकों तक नहीं पहुंच पाते है।
फिरोजाबाद में कोई लाइसेंस लंबित नहीं
मंडल के फिरोजाबाद जिले में कोई भी ड्राइविंग लाइसेंस लंबित नहीं है। जबकि मैनपुरी और कासगंज में दो-दो और आगरा, मथुरा व एटा में एक-एक लाइसेंस लंबित चल रहे हैं।
इन जिलों में सबसे अधिक लाइसेंस लंबित
जिला लाइसेंस लंबित
शाहजहांपुर 10843 50
अमेठी 6161 39
प्रयागराज 23914 33
संबल 12708 20
मुजफ्फरनगर 13523 20
(सभी आंकड़े एक जनवरी 25 से 10 जून 25 तक के हैं)
16 जिलों में संख्या शू्न्य
शासन से जारी सूची में 16 जिलों में लंबित लाइसेंस की संख्या शून्य है। जबकि करीब एक दर्जन जिले में एक लाइसेंस लंबित चल रहा है।