वृंदावन कुंभ मेले में ध्वज पूजन कराने वाला परिवार
- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार से पहले वृंदावन में आयोजित होने जा रहे कुंभ मेला में ध्वज पूजन का दायित्व एक बार फिर परंपरागत रूप से प्रेम पुजारी परिवार निभाएगा। यह परिवार पुरोहित के रूप में 11 पीढ़ियों से कुंभ मेला में ध्वज पूजन कराता आ रहा है। इस बार ध्वज पूजन में इस परिवार की तीन पीढ़ियों की मौजूदगी मिलेगी।
ये भी पढ़ें: वृंदावन कुंभ 2021: संतों को मिलेगा आटा-चावल, मेला परिसर में ही बनेंगे राशन कार्ड
आगामी 16 फरवरी (बसंत पंचमी) को वृंदावन कुंभ मेला बैठक का श्रीगणेश होगा। वृंदावन के काठिया बाबा आश्रम से ध्वज यात्रा प्रारंभ होकर मेला स्थल पहुंचेगी। यहां ध्वज पूजन की परंपरा को एक बार फिर पुरोहित के रूप में प्रेम पुजारी परिवार निभाएगा। पिछले करीब तीन सौ साल से यह परिवार मेला की ध्वज पूजन कराता आ रहा है। पूजन के रूप में प्रयुक्त होने वाले कलशों को यह परिवार अपने यहां गोपाल मंदिर लोही बाजार में पीढ़ियों से संजोए हुए है।
ये भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: एटा में चाय-नमक बेचने वाली फर्म से खरीद लीं स्ट्रीट लाइटें, वसूली के आदेश
कुंभ मेला के पुरोहित के रूप में सेवा दे रहा परिवार
करीब तीन दशक से उनका परिवार कुंभ मेला के पुरोहित के रूप में सेवा दे रहा है। उनके यहां यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी निभाई जा रही है। वे प्रथम दिन ध्वज पूजन कराएंगे। सभी शाही स्नान में यमुना पूजन भी उनके परिवार द्वारा किया जाएगा, जिसमें संत, महंत, महामंडलेश्वर आदि शामिल रहेंगे। सभी खालसों का पूजन भी उनके परिवार द्वारा ही कराया जाता है। - शरद बिहारी गौड़ सरदार