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स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं बदहाल, झोलाछापों की चांदी

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कासगंज के ढोलना में एक ग्रामीण चिकित्सक के यहां इलाज कराते मरीज - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। जिले में दो माह से डेंगू व बुखार का प्रकोप चल रहा है। लगातार लोग मौत का शिकार हो रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग बीमारों को इलाज देने में फेल हो चुका है। ऐसे में ग्रामीणों के लिए गांव के चिकित्सक भगवान से कम नजर नहीं आ रहे। वे ऐसे चिकित्सकों के सहारे इलाज कराने को मजबूर है। तो वहीं शहरी क्षेत्रों में भी निजी चिकित्सकों के यहां भी कतारें लग रही हैं।
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डेंगू व बुखार से शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग प्रभावित है, लेकिन मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में जो टीमें मरीजों की जांच के लिए भेजी जा रही है वे खानापूर्ति करके ही वापस लौट आती है। 14 टीमों के द्वारा एक दिन में लगभग 100 मरीजो का ही परीक्षण किया जाता है। जिससे बुखार पीड़ित मरीजों को पर्याप्त चिकित्सीय सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में मरीज ग्रामीण चिकित्सक के पास इलाज कराने को मजबूर हो जाता है। ऐसे चिकित्सकों के पास किसी प्रकार की सुविधा तक नहीं होती। वे जहां तहां चारपाई डालकर मरीजों का इलाज करते नजर आते है।
शहरी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति काफी खराब है। चिकित्सक मरीजों को भर्ती करने से कतराते हैं। उनको निजी चिकित्सक के यहां जाने की सलाह दे दी जाती है। शहरी क्षेत्र के निजी चिकित्सकों की दुकानों पर मरीजों की लगातार भीड़ बढ़ रही है। एक एक चिकित्सक के पास इलाज कराने के लिए एक दिन में 200 से अधिक मरीज तक पहुंच रहे हैं। इनके क्लीनिक फुल हो रहे है। सरकारी चिक्तिसा सुविधा न मिल पाने से मरीजों को काफी धन भी खर्च करना पड़ रहा है।
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जिस क्षेत्र से भी बुखार फैलने की शिकायत सामने आती है वहां टीम को भेजकर मरीजों का इलाज कराया जाता है। इस समय विभाग ने दस्तक अभियान भी चला रखा है, जिससे बुखार, डेंगू आदि के मरीजों का पता चल सके। -डॉ. अनिल कुमार, सीएमओ
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