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फिरोजाबाद: डेंगू और बुखार से पांच बच्चों समेत सात मरीजों की मौत, गांवों में नहीं थम रहा प्रकोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 24 Sep 2021 12:09 AM IST

सार

फिरोजाबाद जिले में एक महीने बाद डेंगू और वायरल फीवर से मरीजों की मौत का सिलसिला थमा नहीं है। जिले में 208 मरीजों की जान जा चुकी है। मरने वालों में अधिकतर बच्चे थे। ग्रामीण इलाकों में अभी भी हालात सुधरे नहीं हैं। 
सौ शैय्या अस्पताल में भीड़
सौ शैय्या अस्पताल में भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

फिरोजाबाद जिले में 24 घंटे में डेंगू और वायरल फीवर से पांच बच्चों समेत सात मरीजों की मौत हो गई। इससे जिले में गुरुवार को मृतकों की संख्या 208 हो गई। गांव भौड़ेला निवासी डेढ़ वर्षीय प्रज्ञा ने सौ शैय्या अस्पताल में दम तोड़ दिया। मक्खनपुर के रामरतन (35) पुत्र हरी निवासी गोविंदपुर मक्खनपुर की सरकारी ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान मौत हो गई। 

नारखी के गांव आतीपुर में डेंगू ने शहनाज (14) पुत्री साबिर खां की जान ले ली। इसी गांव में डेढ़ माह की तनाजा पुत्री जुल्फी खान की मौत हुई है। टूंडला मोहल्ला सूर्य नगर निवासी माला देवी (45) पत्नी नेत्रपाल सिंह और गांव ठार हाथी निवासी लक्ष्मी (7) पुत्री गीतम सिंह की बुधवार रात मौत हो गई। रिपोर्ट में माला देवी को डेंगू की पुष्टि हुई थी। नगला इस्माइल निवासी अलीना (08) पुत्री मुन्नू खां की मौत गुरुवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई।


निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़
राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित सौ शैय्या अस्पताल में डेंगू-वायरल वायरल से ग्रसित मरीजों की संख्या में कमी आई है। गुरुवार को अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 242 रह गई। नवनिर्मित बिल्डिंग अब खाली हो गई है। हालांकि अब निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। 
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शहर में निजी अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञों के यहां पहले 500 से अधिक ओपीडी थी और अब यह ओपीडी 600 तक पहुंच गई है। निजी अस्पतालों में बेड फुल हैं। एक बेड पर दो मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। नए इलाकों से आ रहे मरीज स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का कारण बना हुए हैं।

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राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने कहा कि मरीजों की संख्या में कुछ कमी आई है। नए मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं हैं। वर्तमान में सौ शैय्या अस्पताल में 242 बच्चे भर्ती हैं। मरीजों का उचित इलाज किया जा रहा है।

गांवों में नहीं थमा प्रकोप
जिले के ग्रामीण इलाकों में डेंगू, मलेरिया एवं वायरल फीवर की रफ्तार अभी थमी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग भले ही उपचार का दावा कर रहा हो, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार कैंप में मिलने वाली गोलियों से आराम नहीं मिल रहा है। इससे मरीज निजी अस्पताल में उपचार कराने के लिए मजबूर हैं।  
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खैरगढ़ क्षेत्र के कनवारा गांव में घर-घर चारपाइयां बिछी हैं। इस गांव में महेंद्र कुमार की 18 वर्षीय बेटी शबनम की बीस सितंबर को मौत हो गई थी। इससे पहले ज्वाला प्रसाद की बेटी (22) पिंकी की मौत हो चुकी है। गांव में भगवानदास के घर में आकाश (21), अमित (18),अंशु (14), अमन (16) बीमार हैं। 

सुरेश के घर में प्रशांत सहित तीन लोग बीमार हैं। दिलीप कुमार की तबीयत खराब है तो उनकी पत्नी रेखा देवी एवं रामगोपाल, पंकज कुमार, ईशू पुत्र चंद्रपाल बीमार है। पड़ोस के गांव ललउआ में मंजू (32) पत्नी सत्यप्रकाश की एफएच मेडिकल कालेज में 21 सितंबर को मौत हो गई थी।
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