उटंगन नदी में 13 युवकों के डूबने की दर्दनाक घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को गांव में मातम का माहौल और गहरा गया। सुबह होते-होते ग्रामीणों का सब्र टूट गया और उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क पर उतर कर विरोध जताया।
सुबह करीब 7 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण कागारौल चौराहा और ऊंटगीर चौराहा पहुंच गए और जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और आमजन को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को समझाया और आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
इधर सुबह 9 बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। पीएसी के साथ मिलकर चार स्टीमर नदी में उतारे गए और गहराई में तलाशी अभियान शुरू किया गया। गोताखोर लगातार युवकों के शवों की तलाश कर रहे हैं। पुलिस-प्रशासन मौके पर डटा हुआ है और हालात पर नजर बनाए हुए है।