पत्नी को मायके में छोड़कर आने के बाद पती ने पती ने उसे फोन किया। बताया कि वो फांसी लगाकर अपनी जान दे रहा है। पत्नी समझी कि वो मजाक कर रहे हैं, लेकिन शाम को मौत की खबर मिली, तो पत्नी के होश उड़ गए।
आगरा के जैतपुर के बजरिया रूपपुरा गांव में बुधवार रात 10 बजे संतोष (28) ने फंदे पर लटक कर जान दे दी। सुबह ही वह अपनी पत्नी वंदना को मायके ग्वालियर छोड़ कर आया था। घर आकर उसने पत्नी को फोन कॉल पर बताया था कि फांसी लगा रहा हूं।
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पत्नी ने पुलिस को बताया कि पहले भी संतोष ने कई बार जान देने की बात कही थी। इसलिए उसने गंभीरता से नहीं लिया था। रात 10 बजे परिजनों ने संतोष को घर में पंखे से लटका देखा। गले में रस्सी का फंदा कसा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पति की मौत की खबर पर मायके से घर आई वंदना रो रोकर बेहाल है।
उसने बताया कि 4 बच्चे विद्या (13), सौम्या (11), सुरभि (8), दिव्यांशु (5) किसके भरोसे पलेंगे। संतोष के बड़े भाई अजीत ने 2 साल पहले जहर खाकर जान दी थी। परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं है। एसओ जैतपुर प्रेम सिंह ने बताया कि मृतक ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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पिता बोले उनकी आंखों के सामने ही उजड़ गई दुनिया
बजरिया रूपपुरा के भंवर सिंह संतोष द्वारा आत्महत्या किए जाने पर सुधबुध खो बैठे हैं। उन्होंने बताया कि 2 साल पहले बेटे अजीत ने जहर खाकर जान दी थी। अब संतोष ने फंदे पर लटक कर जान दे दी है। उनके दो ही बेटे थे। वह बोले आंखों के सामने ही उनकी दुनिया उजड़ गई है। नहीं सूझ रहा कि बहू और बच्चों को कैसे संभालेंगे? उनका जीवन कैसे कटेगा।