आगरा में फसल बर्बाद कर रहे घुमंतू पशुओं पर गांव सुलगने लगे हैं। किसान हाथों में असलाह लेकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। पशु नजर आते ही उसे हांककर दूसरे गांव में भगा देते हैं। जिस गांव में पशु पहुंचते हैं, उसके लोग भड़क जाते हैं। इससे दो गांवों में टकराव की स्थिति बन जाती है। यह स्थिति जिले भर में दिख रही है।
आवारा पशुओं को लेकर शमशाबाद में फायरिंग की घटना हुई है। बाह, फतेहाबाद, एत्मादपुर, खंदौली, किरावली और खेरागढ़ में कई बार किसानों का गुस्सा सामने आ चुका है। कभी पशुओं को स्कूल में बंद कर दिया जाता है तो कभी हांककर दूसरे गांव में भेज दिया जाता है।
किसी भी दिन बड़ी घटना हो सकती है। आलू की फसल तैयार है। किसान खून पसीने से तैयार फसल को बर्बाद होते देख भड़क रहे हैं। वहीं प्रशासन सिर्फ कागजी प्लान बना रहा है। अब तक आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए कोई ठोस प्लान नहीं बना है।
गोशालाओं में जगह नहीं, बढ़ गए हैं घुमंतू पशु
संकट दो कारणों से आया है। एक तो कट्टीखाने बंद होने से घुमंतू पशु बढ़ गए हैं। पहले पशु के बूढ़ा हो जाने पर किसान उसे बेच देते थे। अब कोई खरीदार ही नहीं है। किसानों को मालूम है कि पशु को छुट्टा छोड़ दो तो भी कोई लेकर नहीं जाएगा, इसलिए बांधकर नहीं रख रहे हैं।
दूसरा कारण है गोशालाओं में जगह नहीं बची है। एक तो घुमंतू पशुओं के अनुपात में गोशालाएं कम हैं। दूसरा, सभी गोशालाओं में चारे का पर्याप्त इंतजाम नहीं है। जगनेर में एक गोशाला में चार गायों की मौत हो चुकी है।
तारों की बाड़ लगाने पर विवाद, मारपीट
बाह क्षेत्र के गांव झाडे़ की गढ़ी में पशुओं से फसलों को बचाने के लिए तारों की बाड़ लगाते समय दो पक्ष भिड़ गए। इनके बीच जमकर लाठी डंडे चले। मारपीट में एक महिला घायल हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर शांतिभंग में इनका चालान कर दिया।
फसलें बर्बाद कर रहे खुले में घूमने वाले मवेशियों के लिए खेत पर तार की बाड़ लगाते समय रविवार को मोहन सिंह और पवन के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के साथ ही दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। हमले में मोहन सिंह की पत्नी सिमरा देवी घायल हो गईं।
सूचना पर पहुंची बाह पुलिस ने मौके से मोहन सिंह, बंटू और पवन को गिरफ्तार कर लिया। सिमरा देवी को इलाज के लिए सीएचसी बाह में भर्ती कराया। जहां से हालत गंभीर देख उसे आगरा भेज दिया गया।