13 दिनों तक चले युद्ध के पहले दिन तीन दिसंबर की शाम खेरिया एयरपोर्ट पर पाकिस्तानी विमान ने बम गिराए थे। एयर स्ट्रिप के ऊपर और आसपास गहरे गड्ढे हो गए थे। मिशन चंगेज खान के तहत पाकिस्तान ने देश के 11 प्रमुख एयरबेस आगरा, अमृतसर, अंबाला, अवंतीपुर, बीकानेर, हलवाड़ा, जोधपुर, जैसलेमर, पठानकोठ, भुज व श्रीनगर पर शाम 5:30 बजे हवाई बमबारी की थी।
काले कपड़े और घास से ढंका था ताज
ताजमहल को पाक के हवाई हमले से बचाने के लिए मुख्य गुंबद और चारों मीनारों को काले रंग के कपड़े से ढक दिया गया था। मुख्य गुंबद के ऊपर एक पाड़ बांधी गई थी और कपड़े को नीचे तक लटका दिया गया था। ताज के फर्श को पेड़ों की पत्तियों और घास से ढंका गया था।
सन्नाटे के बीच आते थीं जहाजों की आवाजें
युद्ध के दौरान पुलिस गलियों में घूमती रहती थी। किसी को लाइट जलाने की इजाजत नहीं थे। सन्नाटे के बीच जहाजों की आवाज सुनाई देते थे। हम कुछ लोग खेरिया एयरपोर्ट के उस स्थान पर गए थे, जहां पाकिस्तान वायु सेना ने बम गिराए थे। वहां एक बड़ा सा गड्ढा हो गया था। आसपास के कुछ खेतों में आग भी लग गई थी।
- राज किशोर राजे, इतिहासविद्, विजय दिवस पर विशेष
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