हैदराबाद में दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपियों को सजा मिल गई है। अब हमारे मामले में भी त्वरित न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने बेरहमी से मेरी बेटी को मार डाला था। यह मांग की है आगरा के चर्चित शोध छात्रा हत्याकांड के मामले में वादी और पीड़िता के पिता ने। वो दोषियों को सजा दिलाने के लिए सात साल से लड़ाई लड़ रहे हैं।
15 मार्च 2013 को दयालबाग स्थित शिक्षण संस्थान की शोध छात्रा की हत्या कर दी गई थी। उसके शरीर को 12 जगह से काटा गया था। इस घटना के बाद पूरे आगरा में प्रदर्शन हुए थे। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इनमें एक आरोपी शिक्षण संस्थान के पूर्व अध्यक्ष का धेवता उदयस्वरूप अब भी जेल में बंद है। मामले की जांच सीबीआई ने भी की थी। चार्जशीट में डीएनए के आधार पर दुष्कर्म की पुष्टि की गई थी। लैब सहायक यशवीर संधू भी पकड़ा गया था।