बेटी को न्याय मिलने की अब उम्मीद लगी है। शासन ने कार्रवाई करने में अगर देरी नहीं की होती तो बेटी के हत्यारोपी जेल में होते। ये बातें नवोदय विद्यालय की छात्रा के पिता ने कही। बेटी की मौत के बाद से ही पिता और मां उसे इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
कोई कुछ भी कहे, लेकिन माता-पिता का साफ कहना है कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती है। सोमवार को छात्रा के पिता से हुई बातचीत में उनका दर्द सामने आया। उनका कहना है कि पुलिस और जिला प्रशासन शुरू से ही निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे थे। प्रशासन से लेकर भाजपा के कई बड़े नेता उनका साथ नहीं, बल्कि उनका धरना खत्म कराने पर उतारू थे।
छात्रा की मौत के मामले में लापरवाही पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से एसपी अजय शंकर राय को हटाते हुए डीजीपी कार्यालय संबंद्ध कर दिया गया। वहीं उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई। इस कार्रवाई के बीच छात्रा का परिवार अब न्याय की उम्मीद लगा रहा है।